जलोड़ी दर्रा में रघुपुर क्षेत्र की 10 पंचायतों के लोगों ने निकाली तीन किमी लंबी रैली
युवा जोश को मिला महिला शक्ति का साथ, घाटी के लोगों ने एकजुट होकर बोला हल्ला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रघुपुरगढ़ में टेंट चलाने वाले युवाओं ने शनिवार को सरकार और वन विभाग के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा। 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा में सड़क पर उतरे युवाओं ने जमकर नारेबाजी की। धरना-प्रदर्शन में महिला मंडल की सदस्य भी शामिल हुईं।
क्षेत्र के करीब दस पंचायतों के युवाओं और महिलाओं ने करीब दो से तीन किलोमीटर तक रैली निकाली। आरोप लगाया कि रघुपुरगढ़ क्षेत्र को बाहरी लोगों को देने की तैयारी की जा रही है। इस वजह से रोजगार कमा रहे स्थानीय युवाओं के टेंट उखाड़े जा रहे हैं। कहा कि तीन दिन पहले वन विभाग ने रघुपुरगढ़ में उनके टेंट उखाड़ दिए थे। इसके विरोध में यह धरना-प्रदर्शन किया गया है। इस आंदोलन में राजनीति से ऊपर उठकर घाटी की जनता युवाओं के पक्ष में उतर आई। महिलाओं ने रघुपुर को बचाना है, पूंजिपतियों को नहीं लाना है। नारी शक्ति की यही पुकार, मत छीनो हमारे बच्चों के अधिकार, हम सबने ठाना है, रघुपुर को बचाना है, सरकार से न्याय की मांग, जनता का अधिकार और मर जाएंगे, पर रघुपुर को बिकने नहीं देंगे जैसे नारों से युवाओं में जोश भर दिया।
घाटी की फनौटी, लगौटी, करशैईगाड़, टकरासी, मुहान, कराड़, खनाग सहित आसपास की करीब दस पंचायतों के युवाओं और महिलाओं ने दो से तीन किलोमीटर लंबी रैली निकाली।
बाहरी व्यक्ति को लीज पर न दिया जाए रघुपुरगढ़
रघुपुर इको टूरिज्म एसोसिएशन के प्रधान उगम राम, विकास, दिनेश कुमार, केहर सिंह, बिट्टू, रवि, राहुल, जगदीश ठाकुर, सुनील कुमार और बालकृष्ण ने कहा कि रघुपुरगढ़ को किसी भी बाहरी व्यक्ति को लीज पर न दिया जाए। एक तरफ सरकार सूबे की 77 साइटों को इको टूरिज्म के तहत विकसित करने की बात कह रही है, दूसरी तरफ रघुपुरगढ़ के स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित रखा जा रहा है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।