प्रशासन स्वयं कर रहा सड़क बहाली के कार्य की निगरानी
बीआरओ, एनएचएआई व लोक निर्माण ने छेड़ा पहाड़ों से युद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। ब्यास, मनालसु समेत विभिन्न नदी नालों ने तबाही लाई अब इससे पार पाना बड़ी चुनौती बन गया है। सड़कों की बहाली सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इस चुनौती से पार पाने के लिए भी राज्य और केंद्र सरकार के विभागों ने ताकत झोंक दी है।
कुल्लू से लेकर लाहौल तक पहाड़ों और नदियों से युद्ध लड़ा जा रहा है। एनएचएआई, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग ने अपनी-अपनी मशीनरी लगा दी है।
एनएचएआई ने कुल्लू से मनाली तक सभी स्थानों पर कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए 15 जेसीबी, 15 डंपर, और एक गार्डर लगाया है। शिरढ़ बिहाल, टोल प्लाजा होहलूनाला, 14 मील, आलू ग्राउंड, पतलीकूहल सब्जी मंडी में युद्ध स्तर पर सड़क बहाली का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के लिए एनएचएआई को बीच नदी में जाकर खोदाई कर पहले नदी का रुख मोड़ना पड़ रहा है। उसके बाद बही सड़क के हिस्से को मलबा भरकर समतल किया जा रहा है। मनाली-लेह मार्ग पर बीआरओ की मशीनरी और कामगार दिन-रात कार्य में जुटे हैं। अलेउ में लोक निर्माण विभाग के लिए सड़क बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती है। यहां लगभग 40 मीटर हिस्सा पूरी तरह से धंस गया है। लगभग 100 फीट ऊंची पहाड़ी से होकर सड़क निकालने के लिए दो जेसीबी लगाई गई है। यह मार्ग बहाल हुआ तो मनाली कुल्लू से जुड़ जाएगी। इसके बाद मनाली से सेब देश की मंडियों तक पहुंच सकेगा। साथ ही जरूरी वस्तुएं जैसे रसोई गैस, सब्जी, दूध, दिन आदि मनाली आ सकेगी। खास यह है कि प्रशासन स्वयं सड़क बहाली के कार्य की निगरानी कर रहा है। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने कहा कि सड़क बहाली के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि कुल्लू से मनाली तक पांच स्थानों पर कार्य तेजी से हो रहा है। 23 एक्सेवाटर, 25 डंपर, छह जेसीबी अतिरिक्त मंगवाई गई हैं।