लाहौल के त्रिलोकनाथ गांव में चारा आवटिंत करते पशुपालन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी।
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केलांग (कुल्लू)। राज्य सरकार ने आखिरकार लंबित पशुचारे की खेप को लाहौल पहुंचा दिया है। पशुपालन विभाग ने बुधवार से चारे का वितरण भी शुरू कर दिया है। इससे सर्दियों के दौरान मवेशियों के लिए पशुचारे की सुविधा मिल गई है।
बीते साल असमय हुई बर्फबारी के कारण लाहौल घाटी में सेब के पेड़ और हरा घास तबाह हो गया था। इससे घाटी में पशुचारे की भारी किल्लत हो गई थी। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने किसानों को राहत देते हुए पशुचारे पर किराया भाड़ा निशुल्क देने की हामी भरी थी। लेकिन टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी कारणों से पशुचारे की खेप पिछली सर्दी में लाहौल नहीं पहुंच सकी थी। किसानों ने बीते साल ही पशुचारे की रकम विभाग के पास जमा करवा दी थी। पशुपालन विभाग के कार्यकारी उपनिदेशक डॉ. शुभम ने कहा कि बुधवार को त्रिलोकनाथ पंचायत से पशुचारा आवंटन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। चरणबद्ध तरीके से डिमांड के अनुरूप लाहौल घाटी के सभी किसानों को पशुचारा वितरित किया जाएगा। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया के जरिये एक निजी कंपनी को 2128 क्विंटल चारे की डिमांड की थी। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि इस बार पालतू मवेशियों के लिए उत्तम पशुचारा आवंटित किया जा रहा है। पशुचारे को लाहौल पहुंचाने के लिए किसानों को किराये अदा नहीं करना पड़ेगा। चारे का किराया राज्य सरकार अदा कर रही है। लंबे इंतजार के बाद पहुंची पशुचारे की खेप को लेकर किसानों ने राहत की सांस ली है।