मनाली। कुल्लू घाटी की प्राचीन देव परंपरा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। सदियों के लंबे अंतराल के बाद जमलू परिवार में भाई-बहन का पावन मिलन होने वाला है। देवता जीम जमलू जाणा विरशू के पावन दिन 14 मार्च को अपनी ज्येष्ठ धियाईण (बहन) माता काली ओड़ी अरछंडी से मिलने अरछंडी पहुंचेंगे।
इस ऐतिहासिक मिलन को लेकर दोनों हारियानों में खुशी और उत्साह का वातावरण है। देव आस्था से जुड़े लोगों के अनुसार कई पीढ़ियों के बाद होने जा रहा यह मिलन देव संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को और सुदृढ़ करने वाला एक अद्भुत अवसर होगा।
देवता जीम जमलू जाणा के कारदार जगतराम और माता काली ओड़ी अरछंडी के कारदार हरीश शर्मा ने बताया कि यह दिन देव परंपरा के इतिहास में विशेष महत्व रखेगा। सैकड़ों वर्षों के बाद अरछंडी में भाई-बहन का यह पावन संगम क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था, गौरव और परंपरा का अद्भुत प्रतीक बनेगा। देव संस्कृति में जमलू परिवार में माता काली ओड़ी का विशेष स्थान माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, देव अनुयायी और क्षेत्र के लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए उपस्थित रहेंगे। देव सेवा संस्था के अध्यक्ष जय ठाकुर ने कहा कि जमलू पंथ के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। यह मिलन भविष्य में जाणा और मलाणा के महामिलन की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम होगा।
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