जिले के बागवानों ने इस बार लगाए 20,000 से अधिक कीवी के पौधे
कीवी की तरफ बढ़ा रुझान, मांग पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सेब, नाशपाती, प्लम, अनार, खुमानी और जापानी फल के लिए मशहूर कुल्लू के बागवान अब कीवी फल के पौधे लगा रहे हैं। बागवानों का कीवी फल की तरफ रुझान बढ़ा है।
बागवान सेब, नाशपाती, प्लम और जापानी फल के पौधों के साथ कीवी फल के पौधे भी लगा रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में इस बार 20,000 से अधिक कीवी के पौधे बागवानों ने लगाए हैं।
इसे बागवान एक विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। जिले से कीवी के पौधे मंडी, शिमला और प्रदेश की अन्य जगहों के लिए भी गए हैं। जिन लोगों ने कीवी के पौधों की नर्सरी लगाई है, उनके पास इन पौधों की अच्छी मांग आ रही है। बजौरा से लेकर मनाली तक कई जगहों के बागवानों ने इस बार कीवी के पौधे खरीदे हैं।
हालांकि जिले में सबसे अधिक सेब की पैदावार होती है। प्लम और जापानी फल का भी दायरा बढ़ रहा है। कीवी जिले में अभी शुरुआती दौर में है। अगर सब ठीक रहा तो आने वाले समय में बागवानों के लिए यह कमाई का बेहतर जरिया बनेगा। सेब, प्लम, जापानी फल, खुमानी के साथ ही कीवी भी बागवानों को मालामाल करेगा। गौर रहे कि कीवी फल पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। इसकी मार्केट में अच्छी मांग रहती है। खास बात यह है कि सीजन के दौरान उत्पादकों को इसके बेहतर दाम भी मिलते हैं। कीवी 150 से 200 रुपये प्रतिकिलो बिकता है।
कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने कहा कि निचले और मध्यम क्षेत्रों में यह एक अच्छा विकल्प बन सकता है। जिले में नर्सरी संचालक जोगी ठाकुर ने कहा कि मंडी और शिमला जिले से भी ऑर्डर आए थे। कीवी की तरफ भी बागवानों का रुझान बढ़ रहा है।