कुल्लू जिला के भुंतर में करीब दो सौ मीटर सड़क ब्यास नदी में बह गई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
कुल्लू। ब्यास और पार्वती नदी की बाढ़ ने कुल्लू के पारला भुंतर और जिया का नक्शा ही बदल दिया है। हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है। 1995 के बाद ब्यास में आई भयंकर बाढ़ ने मनाली से लेकर औट तक तबाही मचाई है।
28 साल बाद ब्यास के रौद्र रूप ने तबाही के निशान छोड़े हैं। मंगलवार को मौसम खुलने के बाद पारला भुंतर और जिया में तबाही का मंजर देखने को मिला। इससे हर किसी की आंखें नम थीं। भुंतर-मणिकर्ण मार्ग का करीब 200 मीटर हिस्सा बह गया है। ब्यास ने सात होटल, भवन, एक पेट्रोल पंप, एक वोल्वो, एक जेसीबी और दो ढाबाें का नामोनिशान मिटा दिया है।
नदी किनारे कई घरों को आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। नदियों के भयानक रूप को देखकर यहां के लोगों में अभी भी दहशत का माहौल है। जिया पंचायत के प्रधान संजू पंडित और बड़ा भुईंन के प्रधान विनोद कायस्थ ने कहा कि तीन दिन हुई भारी बरसात के चलते जिया, पारला भुंतर और भुंतर को भारी नुकसान पहुंचा है।
ब्यास और पार्वती में आई बाढ़ से उपरोक्त इलाकों लोग सहमे हुए हैं। नदियों के तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोग रातभर सो भी नहीं पाए। कहा कि जिन घरों और होटलों को नदी ने बहा दिया है, उन्हें पहले ही खाली करवा दिया था।
उधर सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया है। बाढ़ से जिया और भुंतर में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावितों की सरकार हरसंभव मदद करेगी। संवाद
कुल्लू जिला के भुंतर में करीब दो सौ मीटर सड़क ब्यास नदी में बह गई और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।