कुल्लू। जिले में सरकारी भूमि पर बने अवैध कब्जों पर शुक्रवार से जिला प्रशासन का बुल्डोजर चलेगा। इससे अवैध कब्जा धारकों में हड़कंप मच गया है। पहले चरण में जिला प्रशासन की ओर से गठित कमेटी मणिकर्ण के कसोल की सड़कों से अवैध कब्जों को हटाएगी। इसके बाद दूसरी जगहों पर भी प्रशासन का बुल्डोजर चलेगा।
कार्रवाई करने वाली कमेटी में नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी समेत लोक निर्माण के कनिष्ठ अभियंताओं को शामिल किया है। वहीं एनएचएआई के अधिकारी भी कमेटी में हैं। वे एनएच किनारे से अवैध कब्जा धारकों को खदेड़ने का काम करेंगे।
पहले कमेटी अवैध कब्जों को हटाने का स्वयं मौका देगी। लोगों के न मानने कब्जा धारकों को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद कमेटी स्वयं कब्जों को हटाने का काम करेगी। बता दें कि जिले में अवैध कब्जों को हटाने का जिला प्रशासन ने फरवरी में फैसला लिया है। इसके लिए कमेेटी को गठित की है। भुंतर से लेकर मनाली तक एनएच किनारे से अवैध कब्जे भी हटने हैं।
अस्थायी और स्थायी भूमि की होगी निशानदेही
इस अभियान में कमेटी पहले अस्थायी और स्थायी भूमि की निशानदेही करेगी। इसकी जद में कई होटल, ढाबे और रेस्तरां और घर भी आएंगे। अगर यह सभी सरकारी भूमि पर पाए जाते हैं तो कमेटी उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद उपायुक्त स्वयं कार्रवाई करेंगे। कुल्लू, भुंतर, मनाली समेत अन्य शहरों से भी सड़क किनारे से अवैध कब्जों धारकों को खदेड़ा जाएगा।
रिवर राफ्टर और पैराग्लाइडरों के हटेंगे अस्थाई ढांचे
इस अभियान में अब रामशिला से मनाली तक एनएच किनारे रिवर राफ्टर और पैराग्लाइडरों के निर्मित किए अस्थायी ढांचे भी हटेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारी पहले ऐसे लोगों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए बात करेंगे। इसके बाद नोटिस की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि सरकारी भूमि पर बने अवैध कब्जों को हटाया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित कर दी है। पहले चरण में शुक्रवार को कसोल में अवैध कब्जों को हटाने का काम किया जाएगा।