12 करोड़ की परियोजना में देरी होने पर जताई नाराजगी
जीर्णोद्धार कार्य पूरा होने के बाद ही पर्यटक कर सकेंगे भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
नग्गर/पतलीकूहल (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहरों में शामिल नग्गर कैसल के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने कड़ा रुख अपनाया है।
कैसल के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए 12 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने वाले एडीबी ने निर्माण कार्य के दौरान सैलानियों की निरंतर आवाजाही पर गंभीर आपत्ति जताई है। हाल ही में एडीबी की एक उच्च स्तरीय टीम नग्गर कैसल पहुंची थी। यहां उन्होंने पिछले करीब छह माह से चल रहे जीर्णोद्धार कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि कार्य की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। साथ ही निर्माण क्षेत्र में पर्यटकों की मौजूदगी से न केवल कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि ऐतिहासिक संरचना को संभावित नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
एडीबी टीम का मानना है कि राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और कार्य-योजना का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। निर्माण सामग्री, मलबा और मशीनरी के बीच सैलानियों की आवाजाही को एडीबी ने गंभीर लापरवाही करार दिया। इसी आधार पर एडीबी ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर असंतोष जताया और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की सिफारिश की। एडीबी के पत्र के बाद शिमला स्थित सचिवालय हरकत में आया। सचिवालय ने मनाली में पर्यटन निगम के अधिकारी को निर्देश जारी किए कि एडीबी के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अब नग्गर कैसल में सैलानियों के प्रवेश पर फिलहाल अधिकतम प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यटन विकास निगम के उप महाप्रबंधक बीएस ओक्टा ने बताया कि नग्गर कैसल का जीर्णोद्धार कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।