बीआरओ ने शुरू की एसकेटीटी सड़क बचाने की कावायद
उपमंडल की 14 पंचायतों के साथ पांगी को जोड़ती है सड़क
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जाहलमा नाले के पास भूमि कटाव के कारण खतरे में पड़ी एसकेटीटी सड़क को बचाने के लिए सीमा सड़क संगठन ने कवायद शुरू कर दी है।
इस कार्य के लिए सीमा सड़क संगठन के लिए करीब आठ करोड़ रुपये की राशि मंजूर हुई है। अब सीमा सड़क संगठन सड़क को बचाने के लिए नदी के नियंत्रण कार्य के साथ, टो-वाल (पैर की अंगुली की दीवार), साॅसेज के साथ रिटेनिंग वाल लगाएगा।
जाहलमा नाले में तीन-चार साल से लगातार गर्मियों के दिनों में आ रही बाढ़ के कारण भूमि कटाव से कई मीटर में सड़क ढहने की स्थिति में है। इससे उदयपुर उपमंडल के अंतर्गत 14 पंचायत के लोग ही नहीं समूची पांगी घाटी के लोग भी चिंतित हैं। पांगी घाटी के लोगों की कुल्लू, मनाली के साथ अपने गंतव्यों की ओर आवाजाही इसी सड़क से होकर रहती है।
ऐसे में सड़क का वजूद बचाने के लिए सीमा सड़क संगठन ने कार्य शुरू कर दिया है। सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों की मानें तो सड़क को मजबूती दी जाएगी। इस सड़क से होकर उपमंडल उदयपुर के अंतर्गत जाहलमा, जुंडा, नालडा, मूरिंग, थिरोट, किशोरी, त्रिलोकनाथ, शकोली, उदयपुर, मड्ग्रां, सलग्रां, तिंदी, चिमरेट और तिंगरेट के लोगों की आवाजाही के साथ खेतों की तमाम नगदी फसलें इसी सड़क से होकर मंडियों तक जाती हैं। सीमा सड़क संगठन (94 आरसीसी) के कमांडिंग ऑफिसर मेजर पारस कोछड़ ने बताया कि सड़क बचाने की दिशा में जाहलमा नाले में कार्य शुरू कर दिया गया है। संवाद