जाहलमा नाला पर डैमेज पुल को उखाड़ने का कार्य शुरू। संवाद
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) सड़क पर जाहलमा नाले में क्षतिग्रस्त पुल की जगह अब 140 फीट लंबा नया बैली ब्रिज बनेगा। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने पुराने पुल से करीब 30 मीटर नीचे की तरफ नए पुल के लिए साइट चिह्नित कर ली है। पुराने पुल का स्ट्रक्चर हटाने का काम भी शुरू कर दिया है।
बीआरओ के अधिकारियों ने दावा किया है कि सब कुछ ठीक रहने पर 15 जुलाई से पहले किसी भी सूरत में बैली ब्रिज तैयार कर लिया जाएगा। उदयपुर में तैनात बीआरओ 94 आरसीसी के ओसी मेजर पारस ने बताया अभी पुराने पुल का स्ट्रक्चर निकाला जा रहा है। उसके तुरंत बाद नए पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने इस पुल को तैयार करने के लिए 15 जुलाई तक का लक्ष्य रखा है।
पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद लाहौल की 14 पंचायतों के साथ पांगी घाटी के लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। अभी बीआरओ ने नाले से होकर वैकल्पिक सड़क बनाकर छोटे वाहनों को राहत दी है। बसों की आवाजाही बंद है। ऐसे में यात्रियों को जाहलमा नाले के आर-पार ट्रांसमिट किया जा रहा है। इधर घाटी में 20-25 दिन में हरा मटर सहित अन्य सब्जियों का सीजन शुरू होने वाला है। इस क्षेत्र के 90 फीसदी से अधिक परिवारों का जीवन यापन कृषि पर ही निर्भर है। किसानों का कहना है कि बीआरओ ने अस्थायी सड़क बनाकर कुछ राहत तो दी है, लेकिन यह नाला बेहद संवेदनशील है। इस नाले में कभी भी बाढ़ आ सकती है। ऐसे में फसल सीजन के बीच प्राकृतिक आपदा आई तो किसान मुसीबत में पड़ सकते हैं। इसलिए स्थायी पुल का निर्माण बेहद जरूरी है। इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से लाहौल घाटी की जाहलमा, जुंडा, नालडा, मूरिंग, थिरोट, किशोरी, त्रिलोकनाथ, शकोली, उदयपुर, तिंगरेट, चिमरेट, मडग्रां, सलग्रां और तिंदी पंचायतों के साथ समूची पांगी घाटी के लोग प्रभावित हैं। विधायक अनुराधा राणा का कहना है कि वह जाहलमा नाले में नए पुल के निर्माण कार्य जल्द शुरू करने और काम में तेजी लाने को लेकर बीआरओ के संपर्क में हैं।
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