मन की मुराद ले मां के दरबार पहुंचे हारियान और श्रद्धालु
खराहल के पुईद मेले में दिनभर लगा रहा लोगों का तांता
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठात्री जगन्नाथी भुवनेश्वरी देवी के सम्मान में मनाए जाने वाले पांच दिवसीय पुईद मेले में सोमवार को आस्था का सैलाब उमड़ा।
सैकड़ों श्रद्धालुओं और हारियानों ने मां के दरबार में शीश नवाया। मंदिर में माता का रथ सूर्यास्त होने के बाद ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की मधुर ध्वनि के बीच देवलुओं और कारकूनों ने निकाला। इसके बाद माता ने देव परंपरा के साथ मंदिर की परिक्रमा शुरू की। मंदिर के चारों ओर परिक्रमा का दौर चलता रहा। माता ने सौह में देव नृत्य भी नरसिंगों और करनाल की स्वरलहरियों के बीच किया। गूरों ने भी देव नृत्य माता के साथ किया।
पुईद पंचायत के पूर्व प्रधान उत्तम शर्मा ने बताया कि माता के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कहा कि माता के दर्शन के लिए खराहल घाटी के अलावा कुल्लू जिले के दूर दराज से भी लोग माथा टेकने मंदिर पहुंचे। देवलू अशोक ठाकुर, मास्टर गोविंद राम, सुभाष शर्मा, सुनू राम ठाकुर ने कहा कि माता का रथ सूर्य अस्त होने के बाद ही निकला जाता है। यह परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। जगन्नाथी के कारदार चमन ठाकुर ने कहा कि मेले में पांच दिन तक देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। माता देवनृत्य और मंदिर की परिक्रमा देवविधि विधान से की।
इस मौके पर मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी। कहा कि मेले को लेकर देवलुओं सहित तमाम लोगों में काफी उत्साह है। मंगलवार को विश्राम का दिन होगा जबकि बुधवार को फिर माता मंदिर की परिक्रमा और देवनृत्य और गूर व देवलुओं के माध्यम से देव परंपरा का निर्वहन होगा।