सैंज (कुल्लू)। पार्वती परियोजना चरण तीन का निर्माण कार्य ग्रामीणों ने रोक दिया। बिहाली-बनाहू के प्रभावित मुआवजा न मिलने पर कंपनी के खिलाफ हो गए हैं। ग्रामीणों ने अनिश्चित हड़ताल भी शुरू कर दी है।
परियोजना के साथ लगते गांव बनाहू और बिहाली के ग्रामीणों ने मंगलवार को पार्वती चरण तीन का कार्य बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि अगर एनएचपीसी उनकी मांगों पर गौर नहीं करती है तो अनिश्चितकाल के लिए निर्माण कार्य ठप रखेंगे। वर्ष 2008 से घरों को पहुंची क्षति और फसलों के मुआवजे के लिए बिहाली-बनाहू के ग्रामीण आवाज बुलंद कर रहे हैं।
पंचायत समिति सदस्य झाबे राम ने कहा कि ग्रामीणों ने अपने हितों की कुर्बानी दी है लेकिन अब उनकी कोई कद्र नहीं है। वास्तव में बनाहू गांव में पार्वती प्रोजेक्ट के कारण सिंचाई युक्त पानी की कूहलें भी सूख चुकी हैं। इस कारण नगदी फसलें साल दर साल प्रभावित हो रही हैं। घराट भी नष्ट हो चुके हैं।
झाबे राम ने कहा कि जब मुआवजे की मांग की जाती है तो एनएचपीसी और प्रशासन ग्रामीणों की अनदेखी करते हैं। इस मौके पर पंचायत प्रधान पद्मा देवी, उपप्रधान हेमराज, ग्रामीण गुडू राम, दिवान चंद, धनवंत सिंह, प्रेम सिंह, राम सिंह और सुभाष ने बताया कि गांव की 11 बावड़ियां तथा छह घराट सूख चुके हैं। फसलें तबाह हो गई हैं लेकिन प्रशासन भेदभाव की नीति अपनाकर गुमराह कर रहा है। ग्रामीणों ने एक बार फिर एनएचपीसी और प्रशासन से मांग की है कि जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा। एसडीएम बंजार वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया के बाद मामला एनएचपीसी को भेज दिया है। बताया कि ग्रामीणों को मुआवजा न मिलने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।