उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल के लिए मंगलवार को भुंतर से रावा के लिए हुई हेलीकाप्टर की दूसरी उड़ान के यात्रियों को पायलट ने सिस्सू हेलीपेड में ही उतार दिया। वापसी में हेलीकाप्टर बैरंग भुंतर की ओर मुड़ गया। यात्रियों ने सवाल किया है कि यदि मौसम इतना ही खराब था तो वापसी में हेलीकाप्टर रोहतांग कैसे पार कर गया। दूसरी तरफ रावा हेलीपेड में हेलीकाप्टर के इंतजार में बैठे बीमार लोगों के साथ परीक्षार्थी और अन्य जरूरतमंद लोगों को मायूस होकर अपने गंतव्यों की ओर लौटना पड़ा। मंगलवार को लाहौल घाटी के लिए हेलीकाप्टर की तीन उड़ानें प्रस्तावित थीं।
पहली उड़ान भुंतर - बारिंग - भुंतर के बीच हुई। इसमें बीमार चल रहे जाहलमा निवासी प्रेम लाल को घाटी से बाहर इलाज के लिए निकाला गया। दूसरी उड़ान रावा हेलीपेड के लिए और तीसरी उड़ान जिस्पा के लिए होनी तय थी। जिस्पा के लिए दूसरी बार हेलीकाप्टर की उड़ान रद कर दी गई। रावा हेलीपेड के तहत वारपा पंचायत के पूर्व प्रधान सत प्रकाश ने बताया कि रावा की सवारियों को सिस्सू उतारना गलत है। पायलट हेलीकाप्टर को रावा हेलीपेड से 10-12 किलोमीटर पीछे से ही वापस ले गया। उधर कुल्लू में तैनात उड़ान समिति के प्रभारी लाभ सिंह ने बताया कि पायलट के मुताबिक रावा उड़ान के समय लाहौल घाटी में मौसम खराब होने लगा था। इस कारण रावा के यात्रियों को सिस्सू हेलापेड में उतारना पड़ा।