बंजार (कुल्लू)। दुर्गम पंचायत शांघड़ के लोगों को अब पीठ पर बोझा उठाने से राहत मिल जाएगी। पंचायत की दहलीज तक सड़क पहुंचाने को मंजूरी मिल चुकी है। इस सड़क का काम फारेस्ट क्लीयरेंस न मिलने से छह सालों से अटका पड़ा था। लेकिन अब मंजूरी मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
पंचायत शांघड़ के लोग छह साल से सड़क का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन फारेस्ट क्लीयरेंस न मिलने के कारण सड़क का काम लटका पड़ा था। अब 8 किमी प्रस्तावित रोपा-शांघड़ सड़क को केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की चंडीगढ़ शाखा ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए पंचायत शांघड़ के 5 वार्डों मदाना, कटवाली, धारा वटाहरा , गोशटी और धराली के लोगों को फायदा होगा। ग्रामीणों ने सड़क को मंजूरी दिलाने पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और बंजार के विधायक कर्ण सिंह का आभार जताया है। सड़क बनने से जहां रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी वहीं बागवानों को अपनी फसलों मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी।
पंचायत प्रधान घुंघर मल ने बताया कि दो करोड़ पंद्रह लाख की लागत से बनने वाली 8 किलोमीटर प्रस्तावित रोपा शांघड़ के टेंडर लोक निर्माण विभाग ने 2007 में कर दिए थे। लेकिन वन विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण सड़क का निर्माण कार्य लटका पड़ा था।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनने वाली इस सड़क से शांघड़ पंचायत के लोगों को फायदा होगा। वाइल्ड लाइफ के डीएफओ संदीप शर्मा ने बताया कि वन विभाग की अनुमति मिल चुकी है। केवल अधिकारिक तौर पर पत्र आने का इंतजार है। रोपा, सुचैहण और शांघड सड़क के तहत लगने वाली वन भूमि नेशनल पार्क के अधीन है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश पर कमियों को दूर कर रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय की चंडीगढ़ शाखा को भेज दी है।