भल्यानी (कुल्लू)। लगघाटी के भल्यानी गांव को सुप्रसिद्ध काहिका उत्सव शुरू हो गया है। नड़ बदाह की देव रस्म के साथ आज उत्सव का आगाज हो गया। देव परंपरानुसार पहले नड़ जाति के देवलु की मौत हुई और फिर देव शक्ति से उसे जीवित किया गया। इस देव कारज को देखने के लिए भल्यानी में हजारों लोगों की भीड़ जुटी। खास यह है कि इस साल उत्सव में ग्रामीणों ने शराब के सेवन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया हुआ है।
देव परंपरानुसार रविवार शाम भगवान श्रीकृष्ण के गुर ने नड़ की छाती पर तीर से प्रहार किए। नड़ एकाएक जमीन पर अचेत होकर गिर गया। उसकी नब्ज टूट गई। पंचरत्न दिया गया। कफन चढ़ाया गया और फिर जनाजे की शक्ल में उसे मंदिर तक पहुंचाया गया। जहां शुरू हुआ उसे पुन: जीवित करने का सिलसिला। काफी जदोजहद के बाद नड़ जीवित हो उठा। उसे देवता का शेष दिया गया और समूचा वातावरण खुशी से झूम उठा। धीमी पड़ी देव वाद्य यंत्रों की स्वरलहरियां भी गूंजने लगी।
भल्यानी में दो दिनों तक काहिका उत्सव की धूम रहेगी। भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में मनाए जाने वाले इस उत्सव में ब्रह्म्मा, थान देवता, वीरनाथ भी शिरकत कर रहे हैं। ग्रामीण देवी सिंह और धमेंद्र ने कहा कि ग्रामीणोें को बेसब्री से इसका इंतजार रहता है। इस साल काहिका उत्सव में शराब पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई गई है। जो शराब पिलाएगा या पीएगा उसे गांव कमेटी की ओर से कड़ा जुर्माना ठोंका जाएगा।
.....
सुंदर होंगे सांस्कृतिक संध्या के चीफ गेस्ट
भल्यानी। काहिका उत्सव की शुभबेला पर रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें स्थानीय लोक कलाकार धमाल मचाएंगे। पहली सांस्कृतिक संध्या में रविवार रात्रि कांग्रेस पार्टी के प्रदेश डेलिगेट सुंदर सिंह ठाकुर बतौर मुख्य अतिथि शरीक होंगे।