कुल्लू। जिले में मवेशियों को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान 2 अप्रैल से आरंभ हुआ है। पशुपालन विभाग ने इसके लिए विस्तृत योजना तैयार की है, जिसके तहत मवेशियों को चरणबद्ध तरीके से टीके लगाए जा रहे हैं। विभाग ने इस बार 94,000 मवेशियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य के अंतर्गत गोशालाओं तथा पालतू मवेशियों को कवर किया जाएगा।
पशुपालन विभाग की ओर से हर वर्ष दो बार छोटे और बड़े मवेशियों का टीकाकरण किया जाता है। इस बार भी एक भी मवेशी न छूटे और सुरक्षा चक्र न टूटे, के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। खुरपका-मुंहपका जैसे संक्रामक रोग से बचाव के लिए यह टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।
इस संबंध में पशुपालन विभाग के कार्यकारी उपनिदेशक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि अप्रैल माह के दौरान 94,000 मवेशियों को टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए विभाग की टीमें तैयार हैं और घर-घर जाकर मवेशियों का टीकाकरण करेंगी। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित रखा जा सके।
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खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक विषाणुजनित रोग है जो गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सुअर जैसे पशुओं को प्रभावित करता है। इस रोग से ग्रसित पशुओं में दूध उत्पादन काफी कम हो जाता है और यह स्थिति चार से छह महीने तक बनी रह सकती है।