सैंज अस्पताल का नया भवन दो साल से बंद
पुराने भवन में किया जा रहा मरीजों का उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
सैंज (कुल्लू)। घाटी में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने वाले सैंज अस्पताल की सेवाएं हांफ गई हैं। सैंज अस्पताल का नया भवन दो सालों से बंद पड़ा है। अस्पताल के पुराने भवन में ही मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में स्टाफ का टोटा होने के कारण मरीजों को पचास किलोमीटर दूर कुल्लू की दौड़ लगानी पड़ रही है।
अस्पताल भवन निर्माण कार्य के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पांच करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। दो साल पहले सैंज दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन आज तक भवन में ताले लटके हुए हैं। अस्पताल के नए भवन में लोगों को 25 बिस्तरों की सुविधा मिलनी थी। ग्रामीण शेर सिंह, उत्तम राम, खेमराज, ओम प्रकाश, लाल दास, किशन चंद, रमेश कुमार, बिहारी लाल, नरेश कुमार, चंद्रसेन, रामलाल, तुलसी राम, झाबे राम, दोत राम, चुनी लाल, ओम दत्त, प्रमोद कुमार, चमन लाल, देविंद्र सिंह, मोहर सिंह, भगत राम, श्याम लाल, निमत राम, यशपाल, सेस राम, राज कुमार, हरि दास, नीलम कुमार, राजेश कुमार, ध्यान सिंह, कुर्मी राम, भाग सिंह आदि ने कहा कि दो सालों से जनता नए भवन की सुविधा उपलब्ध होने के लिए इंतजार कर रही है। अस्पताल में सुविधाएं न मिलने के कारण लोगों को पचास किलोमीटर दूर कुल्लू अस्पताल पहुंचना पड़ता है। अस्पताल के नए भवन पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए, लेकिन घाटी के 14 पंचायतों की आबादी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग करते हुए कहा है कि अस्पताल को नए भवन में शुरू किया जाए तथा यहां पर डॉक्टरों के खाली पद भरे जाएं। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि जल्द अस्पताल में लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। नए भवन में स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।