अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। 19 से 25 अक्तूबर तक मनाए जाने देवी-देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के सफल व भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने जोरशोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए बैठकों का दौर जारी है। सात दिनों तक चलने वाले देवे-देवताओं के महाकुंभ दशहरा में किसी तरह का दंगा फसाद न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
दशहरा में दो हजार पुलिस व होमगार्ड के जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय शिमला से 200 पुलिस और गृह विभाग से 200 अतिरिक्त होमगार्ड के जवानों को बुलाया जाएगा। दशहरा उत्सव कमेटी में दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने यह प्रस्ताव रखा था। इस पर चर्चा करते हुए 1600 की जगह अब 2000 जवानों की तैनाती करने का निर्णय लिया है। इन जवानों को बजौरा से लेकर रामशिला तक तैनात किया जाएगा। दशहरा उत्सव के लिए 11 सेक्टरों में बांटे जाने वाले कुल्लू शहर के साथ जिले के प्रवेश द्वार बजौरा से लेकर रामशिला तक संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। दशहरा की सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात होगा। उत्सव में आने वाले देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों पर भी पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा।
दशहरा को लेकर आयोजित बैठक में पुलिस बल की संख्या में वृद्धि करने की बात हुई है। इसमें पुलिस व होमगार्ड के अतिरिक्त करीब 400 जवानों को तैनात किया जाएगा।
-शालिनी अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक कुल्लू
पिछले साल खर्च किए थे 56 लाख रुपये
कुल्लू। पिछले साल दशहरा में ड्यूटी देने वाले होमगार्ड के करीब 550 जवानों को दशहरा उत्सव समिति की ओर से 56 लाख रुपये की राशि दी थी। करीब एक हफ्ते तक दशहरा में ड्यूटी देने पर होमगार्ड के जवानों को यह राशि वितरित की है। हालांकि इस खर्च को कम करने के लिए दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह ठाकुर ने होमगार्ड जवानों की जगह पुलिस की तैनाती करने की बात कही है।