अमर उजाला ब्यूरो
मौहल (कुल्लू)। पिरड़ी में डंपिंग साइट विवाद को लेकर ग्रामीणों का आठवें दिन भी विरोध जारी रहा। बारिश के बावजूद ग्रामीणों ने डंपिंग साइट जाने वाली सड़क को बंद रखा। हालांकि शनिवार को बारिश के चलते ग्रामीणों को मुश्किलें का सामना भी करना पड़ा। इसके बाद भी ग्रामीण सड़क से नहीं हटे। लेकिन डंपिंग साइट में कूड़े के विरोध को लेकर स्थानीय लोग कायम हैं।
हिमालयन पर्यावरण समिति के गुमान सिंह व हिमालयन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन सोसाइटी के अभिषेक रॉय भी एनजीटी में अलग से अवमानना की याचिका डालेंगे। समिति ने एनजीटी में समिति का पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता नियुक्त किया है। समिति के सदस्य राजीव शर्मा ने कहा कि समिति अब नगर परिषद कुल्लू से डंपिंग साइट में सूचना के अधिकार के तहत पिछले तीन वर्षों के खर्च का ब्यौरा मांगेगी। समिति सदस्य राजेश ने कहा कि मुताबिक पिरड़ी में कूड़ा डंप करने नहीं दिया जाएगा। समिति का हर सदस्य इसके लिए जोश के साथ डटा है। गौर रहे कि लोग पिरड़ी की डंपिंग साइट में कूड़ा न फेंके जाने का विरोध कर रहे हैं। मामले को आठ दिन बाद भी प्रशासन व नगर परिषद नहीं सुलझा पाया है। अधिकारी भी मौके पर जाने से कतरा रहे हैं। प्रशासन की ओर से पिरड़ी में धारा 144 लागू की गई है। लेकिन ग्रामीण शांतिपूर्वक एनजीटी के आदेश प्रशासन से लागू करवाने के लिए लामबंद हैं। वन अधिकार समिति के पास एनजीटी के आर्डर हैं। एनजीटी के आदेशों के आगे प्रशासन व नगर परिषद लाचार हैं। उधर, सोमवार को हिमालयन पर्यावरण नीति अभियान संस्था की ओर से एनजीटी में प्रशासन, नगर परिषद पर एनजीटी के आदेशों की अवमानना की शिकायत दर्ज की जाएगी। प्रधान जोगिंद्र ठाकुर ने कहा कि लड़ाई लंबी भी चलेगी तो भी डरने वाले नहीं। उन्होंने कहा कि यह ग्रामीणों व बच्चों की सेहत से जुड़ा मुद्दा है। इसे किसी भी सूरत में कमजोर नही पड़ने दिया जाएगा। सदस्य अनिल कांत शर्मा ने कहा कि एनजीटी के बार काउंसिल के प्रधान से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई है। वह समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।