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वन मंत्री के गृह जिला में बेखौफ घूम रहे वन काटू, पुलिस के हाथ खाली

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बेखौफ घूम रहे वन काटू, पुलिस के हाथ खाली
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बड़ोगी नाला में अवैध कटान की चपेट में आकर युवक की हुई थी मौत
अधिकारी तक नहीं पहुंचे घर, वन काटुओं के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के गृह जिला में हुए अवैध कटान को लेकर पुलिस समेत वन विभाग के हाथ अभी भी खाली हैं। भुंतर के छैंउर क्षेत्र के बड़ोगी नाला के समीप हुए अवैध कटान मामले में वन काटुओं का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस मामले में एक युवक की मौत हो चुकी है।
इसे शासन और प्रशासन की असंवेदनशीलता कहें या लापरवाही कि आरोपियों तक पहुंचना तो दूर, अवैध कटान की चपेट में आए युवक के घर तक एक अधिकारी तक नहीं पहुंच पाया है। जिससे स्थानीय ग्रामीणों में सरकार और प्रशासन के प्रति खासा रोष है।
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गत नौ मई को भुंतर के साथ लगते छैंउर क्षेत्र के बड़ोगी नाला के समीप जंगल में अवैध कटान का मामला सामने आया था। अवैध कटान से एक पेड़ टिप्पर पर जा गिरा था और मौके पर नरेंद्र कुमार, उम्र 27 गांव धमसोई औट जिला मंडी की मौत हो गई। हादसे में टिप्पर चालक सुरक्षित है। मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पहले ही मामले में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि कटान वन भूमि पर हुआ है या निजी भूमि पर। बाद में वन विभाग यह स्पष्ट कर पाया कि वन भूमि पर ही अवैध कटान हुआ है। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद भी वन काटुओं का पता नहीं लग पाया है।
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इधर, मृतक नरेंद्र कुमार के मामा चंद्रमणी ने आरोप लगाया है कि वन काटुओं पर कार्रवाई नहीं की गई है। शासन व प्रशासन की तरफ से कोई भी उनके घर तक नहीं पहुंचा है। इधर, एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि वन काटुओं का सुराग लगाने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची थी। मौके पर अवैध कटान किसने किया, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
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