सूखे से सेब बगीचों के कार्य प्रभावित
पर्याप्त नमी नहीं होने से खाद व गोबर डालने का काम अटका
अब बारिश के लिए देवताओं की शरण में पहुंचे किसान
उमर उजाला ब्यूरो
खराहल (कुल्लू)। समय पर बर्फबारी और बारिश न होने के कारण जिला के किसान और बागवानों के कृषि संबंधित तमाम कार्य प्रभावित हो गए हैं। ऐसे में किसान और बागवान अपनी आगामी फसल के लिए काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। खेत खलियानों में बिल्कुल भी नमी नहीं रह गई है। ऐसे में बगीचों में तौलिये बनाने और खाद-गोबर डालने का काम अटका पड़ा है। पर्याप्त नमी न होने के कारण खाद व गोबर उचित तरीके से मिट्टी में नहीं मिल पाता है। लिहाजा सभी कार्य समय पर नहीं निपट रहे हैं।
हालांकि नवंबर माह में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी और निचले क्षेत्र में बारिश तो हुई लेकिन बिजाई के लिए यह नाकाफी ही साबित हुई। ऐसे में जिला के कई क्षेत्रों में अभी तक गेहूं, जौ और मटर की बिजाई अटकी पड़ी है। इस संबंध में घाटी के किसान अमित, चमन कुमार, किशन, राजेंद्र, जय चंद, कमल कुमार, अशोक, चुनी लाल, सुरेश और लाल चंद ने कहा कि पहले कम नमी में ही कई किसानों ने कुछ बिजाई कर डाली थी लेकिन यह फसल भी सूखे के चलते पीली होने लगी है। जिला के तमाम किसान और बागवान अब बारिश के लिए अपने-अपने आराध्य देवी-देवताओं की शरण में पहुंच रहे हैं। बिजली महादेव और माहुंटी नाग के मंदिर में भी बारिश के लिए गूर के माध्यम से पूछ डाली गई है। देवता माहुंटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने कहा कि मंदिर में बारिश के लिए फरियाद की गई है। देवताओं ने दो-तीन दिनों में बारिश होने का आश्वासन दिया है।
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार में सूखे मौसम से चिंतित लोग अपने आराध्य देवी-देवताओं की शरण में जाने के लिए मन बना चुके हैं। घाटीवासी मनोरमा देवी, राम सिंह, नागेंद्र नेगी, लक्ष्मण सिंह, राम लाल, रोशन ठाकुर, टेक सिंह, मीना ठाकुर, कांति ठाकुर, राजेन्द्र ठाकुर, डूर सिंह, राकू ठाकुर, धनेश्वर और आर्यन ने कहा कि अपने आराध्य देवी-देवताओं से बारिश की गुहार लगाई जा रही है।