उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। अब लाहौल घाटी के लोग मौसम साफ होने के बावजूद किसी भी समय 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा नहीं लांघ सकेंगे। परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाहौल-स्पीति प्रशासन ने रोहतांग दर्रा लांघने का समयसारिणी सुबह नौ बजे से दोपहर बाद चार बजे तक तय की है।
प्रशासन की ओर से कोकसर और मढ़ी में स्थापित बचाव चौकियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। दोनों चौकियों में पंजीकरण के बाद ही आम यात्रियों व जरूरतमंदों को रोहतांग दर्रा लांघने की अनुमति दी जाएगी। शुक्रवार को मनाली की ओर से लाहौल के लिए दो सरकारी व एक निजी वाहन को छोड़ा गया। जबकि लाहौल की ओर से आने वाले अन्य वाहनों को गुलाबा से आगे नहीं छोड़ा गया। प्रशासन ने बचाव दल को सख्त हिदायत दी है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को रोहतांग होकर आवाजाही की अनुमति दी जाए। अब लाहौल घाटी में भारी बर्फबारी होने से कभी भी शेष विश्व से करीब पांच से छह माह के लिए कट सकती है।
वीरवार देर रात्रि से शुक्रवार सुबह दस बजे तक रोहतांग दर्रा समेत लाहौल घाटी में बर्फबारी का दौर जारी रहा। इस बीच लाहौल की ओर से कोई भी वाहन रोहतांग दर्रा लांघ नहीं सका। अब रोहतांग दर्रा में पल-पल बिगड़ते मौसत के बच हिमपात हो रहा हे। जिसे लाहौल-स्पीति प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
इधर, उपायुक्त लाहौल-स्पीति देवा सिंह नेगी ने बताया कि मौसम साफ होने की सूरत पर ही रोहतांग दर्रा तय सीमा पर ही लांघा जा सकता है। इस संबंध में बचाव दल को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 19 अक्तूबर को ऊना में होने जा रही सेना भर्ती को लाहौल के दर्जन युवा शुक्रवार को रोहतांग दर्रा क्रॉस नहीं कर सके। सेना भर्ती में शामिल होने जा रहे युवा मनोज कुमार, सुरेश कुमार, सुमित कुमार, पंकज और रोहन ने बताया कि शुक्रवार को वह ऊना में होने जा रही सेना भर्ती में भाग लेने के लिए जा रहे थे, लेकिन बचाव दल उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। दस बजे कोकसर पहुंचे। इस बीच मौसम अनुकूल था, बावजूद उन्होंने जाने दिया गया। बाद में करीब एक बजे उन्हें कोकसर से छोड़ा गया।