कुल्लू। मनाली-लेह मार्ग पर बर्फबारी और कुल्लू जिले में बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा के बाद पटरी पर लौट रहे जनजीवन पर बारिश ने असर डाला है। एचआरटीसी की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
रविवार रात 1 बजे से लेकर सोमवार सुबह 9 बजे तक करीब आठ घंटे तक जारी बारिश से जिला कुल्लू में बाह्य सराज आनी-निरमंड, बंजार, सैंज, लगवैली, मणिकर्ण तथा ऊझी घाटी के 80 ग्रामीण रूट बंद हो गए थे। निगम अपने 334 में 250 रूटों पर बसों का संचालन कर रहा था मगर इसमें 80 रूट फिर से बंद हो गए है।
ऐसे में ग्रामीण इलाकों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गईं। लोगों को छोटे वाहनों या फिर पैदल ही सफर करना पड़ा है। बारिश का असर औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर भी पड़ा है। हालांकि सुबह से समय कुल्लू-बागासराहन तथा कुल्लू-रामपुर की बसें सुरक्षित निकाली गईं लेकिन कुल्लू से थनोग और दोपहर बाद 2 बजे चलने वाली कुल्लू-आनी वाया जलोड़ी दर्रा बसें बंजार से आगे दाडूधार नामक जगह पर फंस गई। यहां पर भूस्खलन होने के कारण बसें आगे नहीं जा सकी हैं।
ऐसे में निगम की बस में सफर कर रही करीब 50 सवारियों को बंजार आ रही बसों में ट्रांसमिट कर भेजा गया। बंजार के टिपूधार रूट पर बस नहीं जा पाई और निगम ने बस को वापस बंजार बुला दिया। बंजार बस अड्डा प्रभारी जगदेव ने कहा कि बारिश से कारण दाडूधार में हाईवे-305 को नुकसान हुआ है और दोपहर बाद बसें इस पर आरपार नहीं हो पाईं।
एचआरटीसी कुल्लू के अड्डा प्रभारी मनोज ने कहा कि रात को हुई तेज बारिश से निगम के 80 ग्रामीण रूट प्रभावित हो गए हैं। एडीएम कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि बारिश से जो सड़कें खराब हो गईं उन्हें लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर जल्द ठीक करने को कहा गया है। पहाड़ों में हुई बर्फबारी से कुल्लू में तापमान में गिरावट दर्ज की गई।