कुल्लू। खराहल और कशावरी फाटी के आराध्य देवता बिजली महादेव मंगलवार को ढोल नगाड़ों और नरसिंगों की ध्वनियों पर ओल्ड गांव पहुंचे। गांव में पहुंचने पर देवता का ग्रामीणों ने फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। इसके बाद देवता को धूप पिलाने की रस्स निभाई गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने महादेव की आरती की।
शारनू मेले का आकर्षण देवता के गूरों की ओर से की जाने वाली देवखेल रही। जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इससे पहले मणिकर्ण घाटी के गांव भ्रैंण में देवता की विशेष पूजा अर्चना की। सुबह 11 बजे के बाद देवता लाव लश्कर के साथ ओल्ड गांव के लिए रवाना हुए। शारनू मेले में मेहमानों की खूब खातिरदारी की गई। मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए।
देवता बिजली महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि देवता प्रतिवर्ष सावन माह की तीन प्रविष्टे को ओल्ड गांव के लिए जाते हैं। वहीं हारियान मोहर सिंह, दीपक कुमार, चमन नेगी और रूप लाल ने कहा कि मेले हमारी प्राचीन धरोहर है। मेलों का आयोजन धूमधाम से किया जाना चाहिए।