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हवाई अड्डे के विस्तारीकरण पर कब तक होती रहेंगी सियायत

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कुल्लू/खराहल। सूबे के सबसे पुराने जिला कुल्लू स्थित भुंतर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण का मामला कई दशकों से अधर में लटका हुआ है। आज तक इस मसले को गंभीरता से उठाने में मंडी से चुने सांसद विफल रहे हैं। दोनों प्रमुख पार्टियों के कई कबीना मंत्री केंद्र में सत्ता का सुख तो भोग चुके हैं लेकिन राजनीति से उपर उठकर इस मसले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने में असफल रहे हैं। हवाई अड्डे पर रन वे छोटा होने के कारण बड़े जहाज को लैंडिंग में मुश्किलें होती हैं। इससे घाटी में हाईप्रोफाइल सैलानियों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम रहती है। इतना ही नहीं कुल्लू से वापस दिल्ली के लिए आधे से कम यात्री ही ले जाने पड़ते हैं। ऐसे में यात्रियों को दोगुना किराया भी अदा करना पड़ता है। मंडी संसदीय सीट से भाजपा और कांग्रेस के कई बडे़ नेता संसद में पहुंचे और केबिनेट मंत्री के ओहदे पर भी आरूढ़ हुए, लेकिन कुल्लू-मनाली के हवाई अड्डे के विस्तार के मामले को गंभीरता से नहीं उठा सके। इस बार लोकसभा चुनाव में एयरपोर्ट का मुद्दा एक बार फिर लोगों और पर्यटन कारोबारियों ने प्रमुखता से सियासी दलों के समक्ष उठाया है।
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ढाई दशक से लटका पड़ा है मामला
देवेंद्र ठाकुर कहते हैं कि हर राजनीतिक दल केवल आश्वासन ही देते हैं कि विस्तारीकरण सरकार बनने के बाद किया जाएगा। मगर पंद्रह सालों से मामला अधर में ही लटका पड़ा है।
प्रमुखता से मसले को उठाने में नाकाम
कैलाश ठाकुर कहते हैं कि दिल्ली दरबार में प्रमुखता से मसले को उठाने में तमाम राजनीतिक दल के सांसद नाकाम ही रहे हैं। सभी राजनीतिक रोटियां ही सेंकते रहे हैं। विस्तारीकरण के मसले को गंभीरता से पहल नहीं की है।
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एयरपोर्ट र्प्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण
चंद्र सेन ठाकुर कहते हैं कि पर्यटन की दृष्टि से कुल्लू के एयरपोर्ट का विस्तारीकरण अति आवश्यक है। विस्तार न होने से कुल्लू-मनाली में हाईप्रोफाइल सैलानी की आमद भी अपेक्षाकृत कम रहती है। हवाई अड्डे पर बडे़ जहाज न उतरने से यात्रियों को भारत में सबसे महंगा किराया अदा करना पड़ता है।
महज सर्वे ही होते रहे आज तक
सुरेंद्र सिंह बताते हैं कि पिछले पांच सालों में विस्तारीकरण के लिए सर्वे तो हुए हैं लेकिन धरातल पर कार्य शून्य ही है। दस सालों से कई बार सर्वे ही हुआ, लेकिन बजट का प्रावधान ही नहीं हो पाया है। मंडी के सांसद ने भी दिल्ली में मुद्दा प्रमुखता से नहीं उठाया।

कुल्लू हवाई अड्डे का विस्तार पांच साल में भाजपा सत्ता पर काबिज होते हुए नहीं कर सकी है। इस मसले को गंभीरता से उठाने में सांसद और केंद्रीय मंत्री नाकाम रहे हैं। इससे पता चलता है कि भाजपा आम जनता की कितनी हितैषी है। चुनाव जीतने के बाद इस मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
आश्रय शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी मंडी संसदीय सीट

भुंतर हवाई अड्डे के विस्तार के लिए ठोस नीति के तहत बजट का प्रावधान सरकार बनने के बाद किया जाएगा। चुनाव जीतने के बाद इस मामले को संसद में गंभीरता से उठाएंगे। इसके लिए प्रयास पहले भी किए हैं। कागजी औपचारिकता पूरी करनी जरूरी है। इसके लिए सरकार प्रयासरत है।
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रामस्वरूप शर्मा, भाजपा प्रत्याशी मंडी संसदीय सीट
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