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दो जनवरी के बाद पिरड़ी में नहीं फेंक सकेंगे कूड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। जिला मुख्यालय से करीब चार किलोमीटर दूर पिरड़ी स्थित कूड़ा संयंत्र में नए साल दो जनवरी से कूड़ा-कचरा नहीं फेंक सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने नगर परिषद कुल्लू की अपील को खारिज कर नप के साथ प्रशासन को झटका दे दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिया गया आठ हफ्ते का समय दो जनवरी को खत्म होगा। लेकिन नगर परिषद कुल्लू ने फिर से अतिरिक्त समय मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसे उच्चतम न्यायालय ने 13 दिसंबर को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उनकी ओर से दी गई समय अवधि खत्म होने के बाद 19 जून 2017 को एनजीटी की ओर से दिए गए आदेश का ही पालन होगा। सुप्रीम कोर्ट ने दशहरा से ठीक पहले अक्तूबर माह में चार हफ्ते का समय दिया था। इसके बाद नप ने दोबारा समय मांगा और आठ हफ्ते की समय अवधि बढ़ाई गई। लेकिन इस दौरान नगर परिषद कुल्लू ने तीन साइटों को जरूर देखा। लेकिन स्थानीय पंचायतों के विरोध के बाद उन्हें इसके लिए एनओसी नहीं मिल पाई। अब सुप्रीम कोर्ट ने नगर परिषद के साथ प्रशासन को और झटका दे दिया है। ऐसे में दो जनवरी से कुल्लू नगर परिषद का कूड़ा-कचरा पिरड़ी में डंप नहीं किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वन अधिकार समिति ने स्वागत किया है। इससे पहले ही इस बारे में समिति 15 सितंबर से लेकर तीन अक्तूबर तक धरना कर चुकी है। हिमालयन पर्यावरण संरक्षण संगठन कुल्लू के अध्यक्ष अभिषेक राय ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट नगर परिषद व प्रशासन को दो बार 12 हफ्ते का समय दे चुका है। लेकिन तीसरी बार कोर्ट ने समय देने से मना कर अपील को खारिज कर दिया है। नगर परिषद कुल्लू के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत ने कहा कि नगर परिषद ने तीन जगह तलाशी थी। लेकिन उन्हें एनओसी नहीं मिल पाई है।
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