अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी की करशैईगाड़ घाटी के देवता नारायण 10500 फीट ऊंचाई पर स्थिति धार्मिक स्थल सरयोलसर की यात्रा पर जाएंगे। 27 साल बाद देवता माता बूढ़ी नागिन की पवित्र झील में शाही स्नान करेंगे। देवता सोमवार को अपने देवालय से रवाना होंगे। इसके लिए हारयिानों ने सभी तैयारियों को पूरा कर दिया है।
ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता की रथयात्रा करीब 10 किलोमीटर तक पैदल निकलेगी। दो दिवसीय यात्रा में देवता संग हारियान भी माता बूढ़ी नागिन के दर्शन कर सुख-शांति का आशीर्वाद लेंगे। देवता नारायण ने सरयोलसर की यात्रा पर जाने की इच्छा जताई है। देवता शाही स्नान के साथ माता बूढ़ी नागिन के साथ देव मिलन भी करेंगे। इस दौरान देव नारायण कई शक्तियों को अर्जित करेंगे। कारदार प्रेम दास, आलम चंद, बालक राम, रमेश चंद, कमलू राम, खेम राज, बेली राम, ओम प्रकाश, पदम राठौर, उगम राम, धर्म सिंह, सुंदर सिंह, हंस राज व तिलक राज का कहना है कि देवता 10 जून सुबह अपने देवालय से सरयोलसर के लिए रवाना होंगे। रात्रि ठहराव माता बूढ़ी नागिन की वास स्थली में होगा और मंगलवार सुबह देवता माता की झील में शाही स्नान करेंगे। देवता नारायण के हारियान के साथ-साथ गांव बनाला, जुहड़, फनौटी, धार, दपांदा, झाकडूपानी के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। देवता की यात्रा में सैकड़ों हारियान और देवलु शामिल लेंगे।