अनदेखी पर खुद बिछा दिए पेयजल पाइप
कुशाली और शोघी के लोगों ने खर्चे 46 हजार
जलसंकट के बीच 30 परिवारों ने पेश की मिसाल
रोशन ठाकुर
कुल्लू। सरकार और आईपीएच की व्यवस्था से हारे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र के ग्रामीणों ने ढाई किलोमीटर (2400 मीटर) पेयजल पाइप लाइन बिछाई है। मामला जिला कुल्लू के बाह्य सराज आनी के सीमांत लगते मंडी जिले की झरेढ़ पंचायत के कुशाली और शोघी गांव का है। आईपीएच के पास बार-बार आग्रह के बावजूद कुछ न होने पर ग्रामीणों ने पानी के लिए खुद ही 46 हजार रुपये इकट्ठा कर पाइप लाइन बिछाकर मिसाल पेश की है। पेयजल संकट के बीच ग्रामीणों ने सौ मीटर के बीस रबड़ पाइप रोलों को बिछा दिया है। जबकि, चार पाइप रोल और पहुंचाने पर कुशाली और शोघी गांव के 30 परिवारों को 31 मई शाम से पानी मिलना उपलब्ध हो जाएगा। ग्रामीणों ने सवा इंच, एक इंच और गांव के लिए आधा-आधा इंच की पाइपों को बिछाया है। हालांकि, इन गांवों के लिए आईपीएच ने बगड़ाघाच-भगोली के लिए पेयजल स्कीम शुरू की है लेकिन अप्रैल से योजना ने जवाब देते हुए ग्रामीणों में हाहाकार का माहौल है। इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार महकमे को समस्या से अवगत करवाया लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। झरेढ़ पंचायत के पूर्व प्रधान बालक राम, मदन लाल, जिया लाल, नेत्र सिंह, मनी राम, चमन लाल, मस्त राम, दुनी चंद, युवराज, मोहन लाल, कुमार सिंह, गोविंद सिंह, गोपाल सिंह, सोहन लाल, खुशी राम, सुष्मा कौशल, सत्य देवी, रीना कुमारी और राम प्यारी ने कहा कि उनके गांव में दो माह से पानी की सप्लाई नहीं हुई है। ऐसे में कुशाली और शोघी गांव के तीस परिवारों ने खुद ही गांवों को पानी पहुंचाने का फैसला किया और दोनों गांव की हुई बैठक में 46 हजार रुपये की राशि एकत्रित कर 2400 मीटर रबड़ की पाइप लाकर उन्हें दारणखड्ड से शोघी के बीच लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है। इसमें 400 मीटर पाइप की कमी होने से अब ग्रामीणों को 31 मई शाम तक अपना पानी मिल जाएगा। ग्रामीणों की इस पहल की पूरे इलाके में खूब प्रशंसा की जा रही है।
डेढ़ माह तक दूसरे गांव से पीठ पर ढोया पानी
कुशाली और शोघी गांव के 30 परिवारों ने डेढ़ माह तक डेढ़ किलोमीटर दूर दूसरे गांव परींज से पीठ पर पानी ढोकर गुजारा किया लेकिन अब अपनी पाइप लाइन बिछाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।