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बिना बारिश के सूखे खेत फसल की बिजाई अटकी

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बिना बारिश सूखे खेत, फसल की बिजाई अटकी
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नमी न होने से किसानों की बढ़ी परेशानी
टमाटर फसल को हो रहा ज्यादा नुकसान
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिले में बारिश न होने से खरीफ फसल की 70 फीसदी बिजाई अपर्याप्त नमी के कारण अटक गई है। ऐसे में मक्की और दालों की बिजाई समय पर नहीं हो रही है। बीजी हुई फसल सूखे के कारण अब सूखने लगी है। सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर, गोभी और साग सब्जियों को हो रहा है। बताया जा रहा है कि सर्दियों में कम बर्फबारी के चलते नालों और प्राकृतिक स्रोतों में पानी की मात्रा काफी कम हो चुकी है। ऐसे में जिले में टमाटर सहित अन्य साग-सब्जियों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। सूखे के कारण प्राकृतिक जल स्तर काफी घट चुका है। कई क्षेत्रों में तो पेयजल की आपूर्ति बहुत प्रभावित हो चुकी है। किसानों का कहना है कि बीजी हुई फसल भी बिना पानी सूखने लगी है। वहीं, सूखे के कारण टमाटर के पौधे मुरझाने लगे हैं। ऐसे में अभी तक टमाटर की फसल को करीब 15 से 20 फीसदी तक नुकसान हो चुका है। जिले में कृषि योग्य भूमि 65186 हेक्टेयर है, लेकिन सिंचाई की व्यवस्था कम होने के कारण अधिकतर किसान बारिश पर ही निर्भर हैं। सिंचाई के लिए बनी अधिकतर योजनाएं सफेद हाथी बनी हुई हैं। किसान रामनाथ, अमन, चमन, अमित, दुनी चंद, कर्म चंद ठाकुर, जय चंद, संजीव शर्मा, अनूप भंडारी आदि के मुताबिक सूखे के चलते खेतों में नमी नहीं है। ऐसे में खरीफ फसल की बिजाई अटकी पड़ी है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा के तहत फसल बीजी गई है, अब यह भी पानी की कमी और बारिश न होने से सूखने लगी है।
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खेतों में नमी का अभाव : भारद्वाज
समय पर बारिश न होने से खरीफ फसल बिजाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। खेतों में नमी का अभाव होने के कारण फसलों की बिजाई रुकी है। विभाग के पास मक्की और अन्य बीज पहुंच चुका है लेकिन बारिश न होने से बिजाई लटकी है।
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-रत्न भारद्वाज, उपनिदेशक कृषि विभाग कुल्लू।
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