कुल्लू। दिवाली की रात को जिला में आग की घटना को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग ने कमर कस ली है। विभाग ने 20 अक्तूबर तक 80 कर्मचारियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है। आग घटना की दृष्टि से अति संवेदनशील कुल्लू घाटी में सालाना करोड़ों का नुकसान होता है। हालांकि घाटी में दीवाली के दौरान किसी तरह की बड़ी आग घटना नहीं हुई है।
स्टाफ और हाइड्रेंट की कमी के बावजूद विभाग दिवाली में किसी तरह की स्थिति से निपटने का दावा कर रहा है। जिला मुख्यालय के सरवरी स्थित अग्निशमन विभाग में 40 कर्मचारी को तैनात किया है। इसमें दशहरा को मिले 9 अतिरिक्त स्टाफ भी शामिल हैं। दमकल मनाली के पास 23 कर्मचारी तैनात है, लेकिन दो चालकों के अहम पदों का खाली होना चिंताजनक है। बंजार के लारजी अग्निशमन केंद्र में दो वाहन और 13 स्टाफ की तैनाती है जो जिला की जनसंख्या के आधार पर पर्याप्त नहीं है। ऐसे में अग्निशमन विभाग के लिए एक चुनौती है। घाटी के 75 फीसदी गांव आग की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों किसान पशुचारा का भी भंडारण करने में मशगूल है। ऐसे में आग लगने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। उपरोक्त सभी अग्निशमन केंद्रों में करीब 100 हाइड्रेंट हैं। इसके अलावा कुछ खराब भी चल रहे हैं।
अग्निशमन विभाग कुल्लू के अग्निशमन अधिकारी दुर्गा दास ठाकुर ने कहा कि दिवाली के लिए विभाग मुस्तैद है। सभी वाहनों और स्टाफ को अलर्ट पर रखा जाता है। अग्निशमन अधिकारी मनाली कमल स्वरूप के अनुसार दिवाली पर्व के लिए सभी कर्मचारियों को कार्यालय में तैनात रहने के आदेश दिए हैं। अधिकारिक तौर पर 14 अक्तूबर से सभी स्टाफ के अवकाश को रद्द किया गया है।