मनाली / केलांग (कुल्लू)। चीन और पाकिस्तान की सीमा तक जाने वाले सामरिक महत्व के मनाली-लेह मार्ग पर राहनीनाला के समीप लगातार हो रहे भूस्खलन के चलते वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मनाली लेह मार्ग में भूस्खलन और लगातार बड़ी चट्टानें खिसकने से हादसों की आशंका बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग पर मंगलवार शाम को लाहौल व मनाली की तरफ से वाहनों की आवाजाही के लिए रोक लगा दी है।
राहनीनाला के समीप सड़क पर भारी मलबा गिरा हुआ है। सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंसे हुए हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ही आवाजाही रोक दी गई है। जबकि बीआरओ की टीम सड़क को बहाल करने में जुटी है। जेसीबी लगाकर मलबे को हटाया जा रहा है, लेकिन सड़क से मलबा हटाते ही बार-बार चट्टानें भीमकाय चट्टानें गिरने से बीआरओ के काम को मुश्किल बना रहा है। वहीं पिछले दो दिनों से रोहतांग सहित जिला में बारिश का क्रम जारी है। ऐसे में बीआरओ को भी मनाली लेह मार्ग बहाल करने में परेशानी सामने आ रही है। बीआरओ की ओर से मार्ग बंद होने की अधिकारिक सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में अलर्ट हो गया है। वहीं तांदी संगम में भी भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही रूक गई है।
मनाली डीएसपी पुनीत रघु ने बताया कि बीआरओ के इंजीनियरों ने बार-बार गिर रही चट्टानों के चलते यातायात बहाल रखने की सूरत में हादसे की आशंका जाहिर की है। लिहाजा इस रिपोर्ट के बाद शाम के बाद मनाली और लाहौल दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। एसडीएम मनाली हेमराज बेरवा का कहना है कि भूस्खलन से मनाली लेह मार्ग में हादसों की आशंका बनी है। लिहाजा यातायात रोका गया है। वहीं, बीआरओ के कमांडर एके अवस्थी का कहना है कि बीआरओ सड़क बहाल रखने का पूरा प्रयास कर रहा है।