गनसारी गांव में भूस्खलन की चपेट में आया सेब का बगीचा।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में रविवार रात हुई बारिश से ब्यास समेत नदी नाले उफान पर है। बारिश से जिला में 30 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया। जिले के बाह्य सराज के रघुपुर घाटी की लगौटी पंचायत के गनसारी गांव में भारी भूस्खलन से सेब का बगीचा तहस-नहस हो गया है। फल से लकदक सेब के बगीचे में करीब 50 पेड़ भूस्खलन के मलबे में दब गए हैं। इस हादसे में गनसारी गांव के कुछ घर भी बाल-बाल बच गए। बागवान केसर सिंह और रिंकू ने कहा कि हादसा रविवार को हुआ और पहाड़ी से हुए भारी भूस्खलन का सारा मलबा उसके खेतों में आ गया और सेब का बगीचा इसकी चपेट में आ गया। उन्होंने कहा कि सेब की फसल तैयार थी और कुछ दिन बाद तुड़ान होने वाला था। उन्होंने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं बारिश से जिला के बाह्य सराज आनी-निरमंड में 15, कुल्लू मेें चार, मनाली में दो तथा बंलार में नौ सड़कें बंद हो गई है। जिससे न केवल निगम की बसों के पहिए रुक गए बल्कि बागवानों को अपने सेब को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि बारिश से जिला में हुए नुकसान की रिपोर्ट राजस्व विभाग के साथ संबंधित विभागों से मांगी है। उन्होंने कहा कि बरसात में सैलानी और आम लोग नदी नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें।
छतडू के पास 30 मीटर सड़क बही
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के ग्रांफू-काजा सड़क बारिश से नालों में आई बाढ़ से अवरुद्ध हो गई है। छतडू के आसपास नालों का जलस्तर एकाएक बढ़ने से तीन जगहों पर सड़क बंद हो गई।एक जगह तो नाले ने करीब 30 मीटर तक सड़क बह गई है। सीमा सड़क संगठन की टीम सड़क को बहाल करने में जुटी है। तीन में से एक जगह सड़क बहाल कर दी है। दो जगह सड़क खोलने का काम जारी है। ऐसे में सड़क के मंगलवार शाम तक बहाल होने की संभावना है। छतड़ू से डोहरनी तक तीन सड़क के बंद होने से इस जगह पर कोई भी वाहन नहीं फंसा है। मनाली की तरफ वाहन कोकसर व काजा की तरफ से छतडू में फंसे हैं। बीआरओ के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने कहा कि सड़क बहाली का कार्य जारी है। किसी तरह के वाहनों के फंसने की सूचना नहीं है।