कुल्लू। जिला कुल्लू में कोरोना के कारण मई माह में अधिक मौतें हुई हैं। 30 दिन में 47 लोगों ने कोरोना से दम तोड़ दिया। कोरोना की दूसरी लहर में न केवल कोरोना संक्रमितों में वृद्धि हुई, बल्कि कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। जिला में 30 अप्रैल तक कोरोना से 96 लोगों की मौत हुई थी। मई माह में यह आंकड़ा 143 तक पहुंच गया है।
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे अधिक मौतें बुजुर्गों की हुई हैं। 50 साल से कम उम्र के लोगों का आंकड़ा बहुत कम है। मई 2021 में रोजाना हो रही मौत से जिला प्रशासन के साथ स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि कुल्लू में दूसरे जिलों के मुकाबले कोरोना केस भी तेजी से नहीं बढ़े हैं। अधिकतर संक्रमित आने वालों का आंकड़ा 100 से कम ही रहा है, जो जिलावासियों केेे लिए राहत की बात है। कोरोना काल की पहली लहर में जिले में 31 दिसंबर तक 84 लोगों ने दम तोड़ा था। जनवरी से लेकर अप्रैल तक जिले में जहां कोरोना के इक्का-दुक्का केस आए तो वहीं मौतें भी बहुत कम हुई। जनवरी 2021 में जिले में मात्र एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई है। फरवरी में कोई भी मौत कोरोना से नहीं हुई। मार्च माह में भी तीन लोगों की मौत हुई और अप्रैल महीने में आठ लोगों की कोरोना से मौत हो गई। मई महीने के बाद लगातार कोरोना से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोरोना की जद में बुजुर्ग लोग अधिक आ रहे हैं।
लक्षण दिखने पर टेस्ट करवाएं बुजुर्ग
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. सुशील चंद्र शर्मा ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर का असर मई माह में देखने को मिला है। इस महीने में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। उन्होंने खासकर बुजुर्ग लोगों से कोरोना के लक्षण आने पर तुरंत टेस्ट करवाने की अपील की है। कोरोना को लेकर डॉक्टरों से मशवरा लेते रहने चाहिए।