हर्ष ने डीएवी पब्लिक स्कूल धर्मपुर सोलन से प्राथमिक शिक्षा के बाद राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुल राजस्थान से दसवीं की परीक्षा पास की। दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से अंग्रेजी में बीए ऑनर्स किया। साल 2019 में सीडीएस परीक्षा के जरिये लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास की।
सेना में लेफ्टिनेंट बनकर लाहौल के युवक ने दिवंगत माता-पिता का सपना साकार किया है। दो साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद शनिवार को चेन्नई में पासिंग आउट परेड में लाहौल के नालडा गांव के हर्ष नलवा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए। कोविड संक्रमण के कारण शनिवार को चेन्नई में हुई पासिंग आउट परेड में जवानों के परिवार से कोई सदस्य शामिल नहीं हो सका।
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अब जल्द भारतीय सेना में शामिल होकर हर्ष देश की सीमाओं की रक्षा करेंगे। हर्ष ने डीएवी पब्लिक स्कूल धर्मपुर सोलन से प्राथमिक शिक्षा के बाद राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल धौलपुल राजस्थान से दसवीं की परीक्षा पास की। दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से अंग्रेजी में बीए ऑनर्स किया। साल 2019 में सीडीएस परीक्षा के जरिये लेफ्टिनेंट की परीक्षा पास की। साल 2016 में हर्ष जब बीए प्रथम वर्ष में थे तो एक सड़क हादसे में उनके माता-पिता का निधन हो गया।
बहनों की तपस्या से हर्ष ने छुआ आसमान
माता इंदिरा नलवा और पिता एचआर नलवा के निधन के बाद लेफ्टिनेंट हर्ष के हर संघर्ष में उनकी दो बहनें डटी रहीं। एयर इंडिया में बतौर क्रू मेंबर हर्ष की बहन रितिका नलवा ने कहा कि इस कामयाबी के पीछे भाई हर्ष की कड़ी मेहनत है। रितिका कहती हैं कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने हर्ष को हर पल उनके सपनों को पूरा करने के लिए पसीना बहाते देखा है। रितिका की एक बहन प्रीतिका नलवा पेशे से वकील हैं। रितिका ने कहा कि उन्होंने केवल एक बड़ी बहन का फर्ज अदा किया है। कोविड के कारण वह पासिंग आउट परेड में नहीं जा सकीं।