मूरिंग-नैनगार सड़क पर नाले का पानी आने के दौरान युवक सड़क पार करते हुए।
कुल्लू। जिले में सोमवार रात से बारिश का दौर शुरू हो गया है। इससे ग्रामीण इलाकों की रफ्तार थम गई है। जिले में 42 सड़काें पर सभी तरह के वाहनाें की आवाजाही थमने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
रुक-रुककर हो रही बारिश से जिले में निरमंड से लेकर कुल्लू-मनाली तक भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। सेब और सब्जियों के सीजन के बीच सड़कों के बंद होने से किसानों-बागवानों की परेशानी बढ़ी है। अभी सेब सीजन ने रफ्तार नहीं पकड़ी है, बावजूद लोगों को चिंता सताने लग पड़ी है। दो दिनों के भीतर जिले में 42 मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इसमें बंजार की सबसे अधिक 23 सड़कें शामिल हैं। सभी सड़कें भूस्खलन और मलबा सड़क पर आने से बंद हुई हैं। निरमंड खंड में 13, आनी में चार, कुल्लू में दो सड़कें अवरुद्ध हुई हैं।
कुल्लू-मनाली के साथ भुंतर-मणिकर्ण, बंजार-जलोड़ी दर्रा और कुल्लू से लगवैली सड़कों पर पहाड़ियों से पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों से रात के समय सफर न करने की हिदायत दी है। वहीं, एचआरटीसी ने अपने चालकों-परिचालकों को मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बसों को सुरक्षित जगहों तक ही ले जाने के निर्देश दिए हैं। एडीएम कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि बारिश से सड़कें बंद हुई है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए है। संवाद