अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। कुल्लू जिला में इस बार लाखों की तादाद में प्रवासी पक्षियों ने डेरा जमाया है। सीजन के समय कुल्लू जिला में इनकी संख्या काफी ज्यादा हो जाती है। ये पंछी यहां पर सेब की फसल को दागी कर रहे है। ऐसे में बागवानों का जिला में लाखों का सेब बरबाद हो रहा हैं। इस समय यहां का वातावरण इन पक्षियों के लिए अनुकूल होता है।
सेब सीजन के दौरान इन परिंदों को भोजन के रूप में सेब काफी मात्रा में उपलब्ध होता है। जिले में इस साल पहले ही सेब का उत्पादन आशा के अनुरूप नहीं है। उद्यान विभाग के मुताबिक इस वर्ष करीब सेब पेटियों 40 लाख से भी कम उत्पादन होने का अनुमान है। पहले ही ओलावृष्टि और अंधड़ के कारण सेब फसल को भारी नुकसान हो चुका है। अब प्रवासी पक्षियों के उत्पात से फसल को नुकसान हो रहा है। ऐसे में बागवान अपनी फसल के प्रति खासा चिंतित हो गया। घाटी के बागवान अमित, ज्ञान ठाकुर, अशोक ठाकुर, चदे राम ठाकुर, चुनी लाल, कैलाश ठाकुर, युवराज, चमन ठाकुर, अखिल राणा, सुरेश ठाकुर आदि के अनुसार इस साल प्रवासी तोते बगीचों में सेब फसल भारी नुकसान कर रहे है। रात को कौवे भी सेब को क्षति पहुंचा रहे है। ऐसे में बागवानों को आर्थिक रूप से हानि हो रही है। उद्यान विभाग के विकास अधिकारी उत्तम पराशर कहते है कि इन पक्षियों के बारे में बागवान विभाग के पास शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका आहार सेब नहीं, बल्कि सेब का बीज होता है।
यहां पहुंचा प्रवासी पक्षी तोता है। इसे स्थानीय भाषा में शुगआ के नाम से जाना जाता है। सेब की लाखों पेटियां दागी कर रहा है। विभाग की ओर से बागवानों को सलाह दी है कि बागों में पहरा व फायर करें। इसके लिए पटाखों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बागवान विभाग से 80 फीसदी के उपदान पर मिल रही पक्षी रोधक जालियों को बगीचों में लगा सकते हैं। ।
डॉ. आरएल शर्मा, उपनिदेशक बागवानी विभाग