सभ्यता और संस्कृति पर पढ़ी रचनाएं
देवसदन में साहित्य संगोष्ठी व कवि सम्मलेन आयोजित
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार और भाषा अकादमी की ओर से रविवार को देवसदन कुल्लू में साहित्य संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कुल्लू, लाहौल स्पीति, मंडी और कांगड़ा जिला के विद्वानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी के सचिव डॉ कर्म सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ इतिहासकार छेरिंग दोरजे ने की। इस दौरान हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक सभ्यता व संस्कृति पर कवि, साहित्यकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं पढ़ी। इस अवसर पर भाषा संस्कृति हिमाचल प्रदेश सचिव डॉ पूर्णिमा चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की पारंपरिक कला संस्कृति भाषा साहित्य को प्रोत्साहन तथा सम्मान देने के लिए आज पुरानी राहों में, नई मंजिलें नई राहें, शिल्प ग्राम मेला आदि महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं।
कार्यक्रम में लेखिका तारा नेगी, पवन चौहान, कृष्ण चंद महादेव, प्रियम्दा, डॉ सूरत ठाकुर, रूपेश्वरी शर्मा, जयदेव विद्रोही, राजेंद्र पालमपुरी, प्रोमिला ठाकुर, विनोद भावुक, दीपक शर्मा, भागीराम राणा, छविंद्र शर्मा, दयानन्द गौतम, दीपक कुल्लवी, पुनीत पटियाल, इंदू भारद्वाज, देवेंद्र गौड़, कृष्णा देवी, निर्मल चंदेल, यतिन पंडित, वांगचुक, छेप राम, दोत राम, अर्पणा धीमान, दिनेश जस्पा, पुनीत पटियाल, सुनीता, किरण गुलेरिया, गणेश भारद्वाज, हरिप्रिया शर्मा, राजीव कुमार ने अपनी-अपनी रचनाएं पढ़ी। लेखकों, साहित्यकारों एवं कवियों ने अपनी कविताओं व गीत के माध्यम से अपनी संस्कृति व सभ्यता को बचाए रखने पर बल दिया। इस दौरान हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी के पुस्तकालय अध्यक्ष देवराज शर्मा, रूपेश्वर शर्मा आदि मौजूद रहे।