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बारिश-बर्फबारी नहीं होने से बढ़ी किसान-बागवानों की चिंता

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बारिश और बर्फबारी नहीं होने से
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बढ़ी किसान-बागवानों की चिंता
लगातार बढ़ती मौसम की बेरूखी से किसानों में मायूसी
मौसम विभाग ने जताई थी बारिश होने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद भी जिला कुल्लू में बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। ऐसे में घाटी के किसान-बागवानों की सूखे को लेकर चिंता और भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने छह और सात फरवरी को बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई थी परंतु मौसम की बेरुखी से किसानों में मायूसी है। जिससे घाटी की कृषि के साथ बागवानी को और नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद जिला कुल्लू के किसान-बागवानों को बारिश होने की पूरी संभावना थी, लेकिन घाटी में छह और सात फरवरी को बारिश व बर्फबारी नहीं हुई। हालांकि रोहतांग, कुंजुम दर्रा, बारालाचा, जलोड़ी दर्रा के साथ सोलंगनाला में की पहाड़ियों में हल्की बर्फबारी हुई। इस संबंध में बागवान रमेश चंद, चमन लाल, दूनी चंद, अमर सिंह, प्रकाश चंद, प्यारे लाल, मोहर सिंह ठाकुर, तेज राम, राजेश कुमार, तिलक राज, रोहित कुमार, बेली राम व संगत राम का कहना है कि मौसम एक बार फिर दगा दे गया है। सात फरवरी को पूरे दिन बादल छाए रहे बावजूद इसके बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी। सबसे अधिक खतरा बागवानी हो गया है। सूखे से सेब के बगीचों को कई तरह की बीमारियों में घेर लिया है। चिलिंग आवर्स पूरा नहीं होने के साथ बागवानी का कामकाज भी प्रभावित पड़ा है। रबी की फसल खेतों में पीली पड़ गई और आने दिनों में यह नुकसान ओर भी बढ़ेगा।
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उन्होंने कहा कि किसान-बागवान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठा लेकिन उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक कुल्लू डॉ राजकुमार शर्मा ने कहा कि सूखा अधिक हो चला है जो सेब व अन्य फलों की पैदावारी के लिए बड़ी चिंता बन गया है। डीसी कुल्लू युनूस ने कहा कि सूखे को लेकर सभी विभागों को अलर्ट किया गया है।
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