फूलों के कारोबार ने किसानों
के जीवन में बिखेरी खुशबू
सजावटी फूलों का उत्पादन कर मुनाफा कमा रहे किसान
गुलदाउदी का सीजन शुरू, शादी सीजन में बढ़ी मांग
अमी चंद भंडारी
खराहल (कुल्लू)। प्राकृतिक सौंदर्य से लबालब कुल्लू घाटी में सजावटी फूलों का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर किसान करने लगे हैं। विदेशी फूलों की विभिन्न किस्मों को उगा कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। जिला के सेउबाग, शमशी, हाथीथान, प्रेमगढ और जरड़ आदि इलाकों में किसान इसकी खेती कर रहे हैं। इन दिनों गुलदाउदी फूलों का सीजन आरंभ हो गया है। बताया जा रहा है कि आजकल शादी के सीजन में फूलों की मांग काफी बढ़ गई।
बागवानी के क्षेत्र में जहां कुल्लू के सेब उत्पादकों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। वहीं, अब फूलों की विभिन्न किस्मों को पैदा कर किसान बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं। जिला में कई दर्जनों पॉलीहाउस के माध्यम से उम्दा दर्जा के फूलों का उत्पादन हो रहा है। एक सर्वे के अनुसार पूरे देश में फूलों की मांग के हिसाब से आपूर्ति महज 60 फीसदी ही हो पा रही है। इस हिसाब से देखा जाए तो निर्यात के कारोबार में इसका अच्छा भविष्य हैं। जिला कुल्लू के वामतट गांव सेउबाग में कई पॉलीहाउस और खेतों में फूलों की खुशबू से महक रहा है। यहां पर 60 बीघा से भी ज्यादा भूमि पर फूलों का कारोबार हो रहा है। ट्वीन मल्टी फलोरा कंपनी का कारोबार सबसे ज्यादा है। कई किसान भी फूलों को उगा रहे हैं। घाटी के किसान सोभा राम, ओम प्रकाश, जीत राम, सलील उपाध्याय, बलवीर और दौलत आदि का कहना है कि कारनेशन फूलों में सबसे ज्यादा कमाई की जा सकती है। इसके फूल दो साल तक खेतों से मिलते हैं।
इधर, बागवानी अनुसंधान केंद्र के सह निदेशक डॉ. डीआर खजूरिया कहना है कि कुल्लू की आबोहवा फूलो की खेती के लिए उपयुक्त हैैं। डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय बजौरा किसान को समय-समय पर फूलों की खेती को लेकर प्रोत्साहित करता रहता है। किसान एक हेक्टेयर में गेंदे के फूल लगा कर साल में एक से दो लाख रुपये तक कमा सकता है। गुलदाउदी की फसल से एक हेक्टेयर से पांच से छह लाख रुपये कमाए जा सकते हैं।
सब्सिडी के साथ ट्रेनिंग भी
बागवानी विभाग के कार्यवाहक उपनिदेशक उत्तम पराशर के अनुसार फलों की खेती के लिए किसान को पॉलीहाउस पर सरकार की ओर से 85 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण दे रहा है।