संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला कुल्लू में मार्च के दूसरे सप्ताह से पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक की वार्षिक परीक्षाएं होंगी। परीक्षाओं का जिम्मा शिक्षा विभाग ने 18 बीआरसीसी (खंड संसाधन केंद्र समन्वयक) और बीपीओ (खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) को सौंपा है। ये अपने-अपने खंड से संबंधित स्कूलों में परीक्षाओं की निगरानी करेंगे। इसके अलावा परीक्षा से संबंधित विभिन्न तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।
बता दें कि प्रारंभिक शिक्षा विभाग कुल्लू ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशानुसार परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले के 890 स्कूलों में परीक्षाएं करवाई जाएंगी। इन स्कूलों में कुल्लू के 36630 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। विभाग ने इसकी योजना तैयार कर दी है। गौरतलब है कि कोरोना काल में दो साल बाद विद्यार्थी स्कूलों में आकर परीक्षा देंगे। संक्रमण के खतरे के कारण लंबे समय तक स्कूल बंद भी रहे। इसके कारण विद्यार्थियों को बिना परीक्षाओं के ही प्रमोट करना पड़ा था, लेकिन अब लंबे अंतराल के बाद हालात सुधरने पर स्कूल खोले गए। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने ऑफलाइन कक्षाओं समेत अब ऑफलाइन परीक्षा करवाने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया है। परीक्षा करवाने संबंधी निर्देश सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को जारी किए गए हैं। बीआरसीसी और बीपीओ को निगरानी का जिम्मा दिया गया है। उधर, इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सुरजीत राव ने कहा कि परीक्षाओं के लिए विभागीय योजना तैयार है। बोर्ड के तय शेड्यूल के हिसाब से परीक्षाएं करवाई जाएंगी। परीक्षाओं की समीक्षा और निगरानी का जिम्मा 12 बीआरसीसी और छह बीपीओ को सौंपा है।
पहली से आठवीं तक 36630 विद्यार्थी अध्ययनरत
जिला कुल्लू के छह शिक्षा खंडों में पहली से आठवीं तक 36630 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें शिक्षा खंड कुल्लू-1, कुल्लू-2, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड में पहली से पांचवीं तक 21459 तथा छठीं से आठवीं तक के 15171 विद्यार्थी शामिल हैं।