उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में एक सप्ताह देरी से हुआ पौधों का वितरण
140 से 180 रुपये में मिलेगा सेब का पौधा, प्लम की 80 से 100 रुपये होगी कीमत
बागवानों को जापानी फल के एक पौधे की 150 रुपये देनी होगी कीमत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लंबे इंतजार के बाद बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में पौधों का वितरण शुरू होते ही पहले दिन शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति के लिए 3306 पौधों की आपूर्ति की गई।
इससे सीमांत क्षेत्रों में बागवानी गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। आने वाले दिनों में बजौरा से और अधिक पौधे कुल्लू, लाहौल और मंडी जिले के सीमांत क्षेत्रों में जाएंगे।
गौर रहे कि उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा में पौधों का वितरण सूखे जैसे हालात के चलते एक सप्ताह देरी से शुरू हुआ है। बागवानों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार पौधों के दामों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है। बागवानों को सेब का पौधा 140 से 180 रुपये तक मिलेगा। जापानी फल के एक पौधे की कीमत 150 रुपये होगी। प्लम के पौधे की कीमत 80 से 100 रुपये तक होगी। पिछली बार भी सेब का पौधा बागवानों को 180 रुपये में मिला था। बजौरा स्थित उद्यान फल विकास परियोजना बजौरा 60,000 से अधिक सेब, जापानी फल व प्लम के पौधों का वितरण किया जाना है। पौधों का वितरण शुरू होने से बागवानों ने राहत की सांस ली है।
कुल्लू जिले के बागवान पौधों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। विभाग की ओर से मिलने वाले इन पौधों की गुणवत्ता और वैरायटी 100 फीसदी सही होती है। बागवान जब इन सेब के पौधों को अपने बगीचों में लगाते हैं तो इसके परिणाम भी बेहतर आते हैं। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कब तक सारे पौधे बागवान खरीदते हैं।
पौधों का वितरण शुरू कर दिया गया है। पहले दिन लाहौल के लिए 3306 पौधे गए। मांग के अनुसार यह क्रम आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। बागवानों को तय दरों पर पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। - रोशन आनंद, विषयवाद विशेषज्ञ, उद्यान फल विकास परियोजना