कुल्लू। जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। योजना के माध्यम से जिले में 3,218 कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापार शुरू करने की अनुमति प्रदान की गई है।
योजना का लाभ उठाने के लिए 6,167 ने आवेदन किया था। इनमें पहले चरण में 3,218 को स्वीकृति प्रदान की गई है। अन्य के दस्तावेजों की जांच कर जल्द स्वीकृति प्रदान की जाएगी। सरकार ने कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन स्तर में आर्थिक सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना चलाई है।
इसमें 18 श्रेणियों में पारंपरिक कौशल रखने वालों को बिना शर्त ऋण दिया जा रहा है। ऋण की किस्तें दो रहेंगी। इनमें पहली किस्त एक लाख तथा दूसरी दो लाख निर्धारित की गई है। कारीगरों और शिल्पकारों को ऋण की रकम पर महज पांच फीसदी ब्याज ही चुकाना होगा।
योजना में बढ़ई (कारपेंटर), नाव, ताला, मछली का जाल, टोकरी, चटाई, झाड़ू, माला एवं मिट्टी के बर्तन बनाने वाले (कुम्हार), मूर्तिकार, राज मिस्त्री, टूल किट निर्माता, पत्थर तोड़ने वाले, मोची (जूता कारीगर), पारंपरिक खिलौना निर्माता, नाई, धोबी, दर्जी, लोहार और सुनार शामिल हैं, जिन्हें लाभ मिलेगा।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण परियोजना निदेशक डॉ. जयवंती ठाकुर ने कहा कि विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कौशल रखने वालों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल्लू में 3,218 आवेदकों को स्वीकृति प्रदान की गई है। आवेदकों के दस्तावेजों के सत्यापन का जिम्मा पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपा गया है।
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किस विकास खंड से कितनी स्वीकृति
विकास खंड स्वीकृति
आनी 671
बंजार 1514
कुल्लू 521
नग्गर 60
निरमंड 452