अमर उजाला ब्यूरो
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र लाहौल घाटी में दूरसंचार सेवाओं के ठप होने से लोगों को एक दूसरे से संपर्क करने में अधिक मुश्किल हो रही है। जरूरी बात करने के लिए लोग करीब पांच फीट बर्फ में 17 किलोमीटर चलकर कारगा व तांदी जीरो प्वाइंट से फोन से संपर्क कर पा रहे हैं।
घाटी में इस बार जमकर बर्फबारी हुई है। हिमस्खलन के खिसकने का खतरा बना है। जिला से बाहर रहने वाले अपनों का हाल जानने के लिए बार-बार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन नेटवर्क न होने से उनको मुश्किल हो रही है। पट्टन और तिनन घाटी के लोगों को नेटवर्क के लिए कारगा व तांदी जीरो प्वाइंट पहुंचना पड़ता है। उधर, दारचा पंचायत के खंगसर और दारचा के लोगों का भी यही हाल है। गोंधला क्षेत्र के लोग भी दालंग से तांदी स्थित पेट्रोल पंप के बीच हिमस्खलन की परवाह किए बगैर तांदी जीरों प्वाइंट के आगे आकर फोन कर रहे है। केलांग और उदयपुर को छोड़कर घाटी के सभी मोबाइल टावर खामोश हैं। लाहौल-स्पीति जिला परिषद के चेयरमैन रमेश रूअलवा ने बताया कि उन्होंने भी पांच फीट बर्फ में 12 किलोमीटर चलकर अपनों से बात की। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि लोग फोन संपर्क साधने के लिए मीलों सफर कर कारगा व तांदी जीरो प्वाइंट पहुंचने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि घाटी की बदहाल स्थिति को ध्यान में रखते हुए दूरसंचार सेवाओं को बहाल करे। वारपा पंचायत के प्रधान सत प्रकाश ने कहा है कि बीएसएनएल टीम को दूरसंचार सेवाओं को बहाल कर देना चाहिए। उधर, बीएसएनएल केलांग के एसडीओ शाम लाल का कहना है कि भारी बर्फबारी के चलते कई जगहों पर ओएफसी कटी है। लेकिन अभी उन्हें ठीक करना संभव नहीं है।