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ब्यास का रुख बदलने से ज्वाणी रोपा पर खतरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू/खराहल। गत दिनों बारिश और बाढ़ के कारण ब्यास का रुख बदल जाने से मुख्यालय से महज दो किमी दूर ज्वाणी रोपा क्षेत्र के ब्यास की लहरों की चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा पहले यहां पर ब्यास दो भागों में बंटी हुई थी। ऐसे में वामतट के साथ बसे ज्वाणी रोपा के बाशिंदों को पानी बढ़ने की स्थिति में डर नहीं होता था। लेकिन अब ब्यास का सारा पानी ज्वाणी रोपा की तरफ आने से लोगों को भविष्य में बरसात के समय नदी के जलस्तर बढ़ने से खतरा हो गया है।
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कहा जा रहा है कि इलाके में कई मकान और दर्जनों दुकानों को भी खतरा है। लिहाजा लोगों ने सरकार व प्रशासन से ब्यास के किनारे थरमाण शमशान घाट से रामशिला तक क्रैट वाल लगाने की मांग की है। क्षेत्र के निवासी चमन ठाकुर, उत्तम पराशर, रूम सिंह भंडारी, सुदेश कुमारी, अनिश, रूप सिंह, राजेंद्र कुमार, किशन, कुरूमदत, अमर ठाकुर, जयचंद, अनूप राम, वेदराम ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, बुद्धि प्रकाश और गौतम आदि का कहना है कि नदी का सारा रुख अब ज्वाणी रोपा की ओर हो गया है। इतना ही नहीं यहां पर न्योली-थरमाण उठाऊ सिंचाई योजना का पंप हाउस भी नदी की चपेट में आ सकता है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में थरमाण शमशान घाट से रामशिला तक क्रेट वाल को लगाया जाए। इस संबंध में न्योली पंचायत के प्रधान तारा देवी और उप प्रधान भपेंद्र ठाकुर ने बताते हैं कि इस बारे में उपायुक्त को भी पंचायत की ओर से प्रस्ताव भेजा जाएगा। पंचायत की ओर से भी इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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