अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी से करोड़ों का नुकसान हुआ है। बर्फबारी अधिक होने से अभी नुकसान का आकलन किया जा रहा है। लेकिन प्रारंभिक आकलन में लोक निर्माण विभाग और आईपीएच को 68 करोड़ की चपत लगी है। इसमें लोनिवि को 47 तथा आईपीएच के 21 करोड़ बर्फ में पिघल गए हैं।
बिजली, कृषि व बागवानी के नुकसान को आंका जा रहा है। लाहौल-स्पीति से कुल्लू पहुंचे कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने इसका खुलासा किया है। बर्फबारी से लाहौल-स्पीति में करोड़ों का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बागवानी को सबसे अधिक नुकसान होने से घाटी के बागवान चिंतित हैं। मंत्री मारकंडा ने कहा कि लाहौल में एक सप्ताह के भीतर बिजली को रिस्टोर किया जाएगा। इसके लिए बिजली बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी लाहौल पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से नियमावली के अलावा भी लोगों की मदद की जाएगी। बागवानों को मुफ्त में सेब के पौधों के साथ किसानों को गोभी, मटर का बीज भी निशुल्क दिया जाएगा। उन्होंने बर्फबारी में फंसे लोगों को घाटी से बाहर सुरक्षित निकालने के लिए लाहौल-स्पीति प्रशासन के अलावा बीआरओ, पुलिस, स्थानीय लोगों के साथ कुल्लू प्रशासन का भी आभार जताया है। कृषि मंत्री ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में वायु सेना ने भी अहम भूमिका निभाई है। इसके बाद वह क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचे, जहां शिंकुला दर्रा से रेस्क्यू किए गए 21 लोगों से मिले और कुल्लू अस्पताल डाक्टरों की ओर से एकत्रित की राशि इन नेपाली मजदूरों को वितरित की। ये सभी लोग गैंगरीन से पीड़ित हैं। बताया जा रहा है इसमें दो से तीन मजदूरों की हालत गंभीर हैं, जिनके पैरों को बर्फ से अधिक नुकसान हुआ है। उनके साथ एसडीएम कुल्लू डॉ. अमित गुलेरिया, सीएमओ डॉ. सुशील शर्मा, डॉ. हीरा लाल, विशेषज्ञ डॉ. नितेश, जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. रतन भारद्वाज तथा एपीएमसी के सचिव सुशील गुलेरिया तथा अधीक्षक हीरा लाल नैय्यर उपस्थित रहे।