अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू।
अधिष्ठाता देवता खुडीजल की ऐतिहासिक मंदिर प्रतिष्ठा में अभी तक करीब आठ हजार देवलुओं ने देवालय के हवन कुंड में आहुति दी है। देवता खुडीजल के नब्बे मजारों के लोग नौ नवंबर को हवन-पाठ करेंगे। इसके लिए पहले ही सभी लोगों को संदेश दिया गया है।
नौ अक्तूबर से चल रही खुडीजल की मंदिर प्रतिष्ठा (पूज) के 28 दिनों में रघुपुर घाटी के अलावा कुल्लू जिला की सीमा के साथ लगते मंडी जिला देवलुओं ने हवन पाठ की प्रक्रिया पूरी की है। यह प्रक्रिया 16 नवंबर तक जारी रहेगी।
रविवार को देवता खुडीजल की सौह में पूज कमेटी तथा मंदिर कमेटी की बैठक हुई। खुडीजल के कारदार शेर सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में नौ नवंबर को 90 मुजारों की होने वाले हवन तथा 16 नवंबर को अंतिम पूर्णाहुति को लेकर चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान में देवता टकरासी नाग, माता बूढ़ी नागिन, बालू देवता शांगडू महादेव बलेहड़, देवता नारायण फनौटी, रावल ऋषि ऊपली फनौटी, सत्य नारायण करशाला, बंजार घाटी के खुडीजल चलाहण, सेरी नारायण समेत बंजार, मंडी और आनी के करीब दो दर्जन देवी देवता भी शामिल होंगे।
कारदार ने कहा कि पूर्णाहुति के दिन आने वाले देवी देवताओं व अन्य मेहमानों के स्वागत की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। इस मौके पर पूज कमेटी के अध्यक्ष केवल राम, उपाध्यक्ष डोला राम, कोषाध्यक्ष राम लाल, मंगल चंद, देवता के कुल पुरोहित फौजी लाल शर्मा, पुजारी पूर्ण चंद, शिव राज शर्मा तथा शेर सिंह शर्मा सहित हवन में बैठे ब्राह्मण व देवता के बजंतरी भी शामिल रहे।
000