कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के लिए सजाए बाजार में दुकानों के किराये के लिए बुधवार को व्यापारियों और ठेकेदार के बीच विवाद हो गया।
ठेकेदार पर मनमाना किराया वसूलने का आरोप लगाते हुए सुबह करीब 300 व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। इसके बाद सभी व्यापारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए शिकायत पत्र सौंपा। उपायुक्त के आश्वासन के बाद देर शाम व्यापारियों ने दुकानें खोल दीं।
व्यापारी सोहन सिंह, कृपाल, राजू, सोनू, मांझी राम, किशोर और पवन ने बताया कि वर्ष 2025 में एक दुकान का किराया 15 हजार रुपये निर्धारित था लेकिन इस बार ठेकेदार की ओर से 45 हजार रुपये की पर्ची काटी जा रही है। पिछले वर्षों में किराये में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी होती थी लेकिन इस बार सीधे तीन गुना किराया मांगा जा रहा है।
वे पिछले 20 वर्षों से कुल्लू दशहरा उत्सव में दुकानें लगाने के लिए गुजरात सहित देश के विभिन्न शहरों से यहां पहुंचते हैं। दुकान लगाने के लिए किराये के अलावा उन्हें आने-जाने और अन्य खर्च भी उठाने पड़ते हैं। ऐसे में किराये में भारी बढ़ोतरी से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस बार रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए उन्हें जो स्थान आवंटित किए गए हैं, वहां लोगों की आवाजाही काफी कम है। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है और किराये सहित अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है
व्यापारियों ने उपायुक्त से किराये की दरों में हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की। इसके बाद उपायुक्त ने ठेकेदारों को बुलाया और व्यापारियों से अनुचित किराया नहीं वसूलने के निर्देश दिए।
दशहरा उत्सव के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के लिए मैदान का आवंटन किया गया है। व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ठेकेदारों को नाजायज किराया नहीं वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. अमित शर्मा, उपायुक्त