कुल्लू। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के तहत पिछले नौ माह से प्रशिक्षुओं को भत्ता नहीं मिला है, जिस वजह से जिला के 2,200 प्रशिक्षुओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशिक्षु अपनी फीस जमा नहीं करवा पा रहे हैं, जो समस्या बनी हुई है। कौशल भत्ता भी उन्हीं प्रशिक्षुओं को दिया जाता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो।
वहीं देवसदन में हिमाचल प्रदेश कौशल विकास संघ जिला कुल्लू ने बैठक का आयोजन किया। इसमें चयनित इंस्टीट्यूट के प्रभारियों के अलावा सैकड़ों प्रशिक्षु और अभिभावक आनी, बंजार, सैंज, भुंतर, मणिकर्ण, गडसा, मनाली, कुल्लू, खराहल, लगघाटी, नग्गर क्षेत्रों से पहुंचे। संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह ठाकुर ने कहा कि जिला में सरकार द्वारा तय मापदंडों के अनुसार इंस्टीट्यूट चिह्नित किए गए हैं। सभी इंस्टीट्यूट प्रशिक्षुओं को विभिन्न कोर्स करवाकर निपुण बना रहे हैं, लेकिन सितंबर 2024 से प्रशिक्षुओं को भत्ता नहीं मिला है, जिससे प्रशिक्षु फीस जमा नहीं करवा पा रहे हैं। इससे इंस्टीट्यूट के स्टाफ को मासिक वेतन देने में परेशानी आ रही है। प्रशिक्षु, अभिभावक और इंस्टीट्यूट संचालक व संघ सरकार से भत्ता बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
पिछले लंबे समय से कौशल भत्ता न मिलना परेशानी बढ़ा रहा है। फीस जमा करने में आर्थिक परेशानी रोड़ा बन रही है। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
-ज्योति, निवासी आनी
कौशल विकास योजना के तहत वही बच्चे कोर्स कर रहे हैं, जिनकी वार्षिक आय कम है। ऐसे में गरीब और सामान्य वर्ग का बच्चा बिना भत्ता मिले कैसे फीस दे पाएगा।
-विक्रम, निवासी बंजार।
कौशल विकास योजना से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कोरोना काल में भी भत्ता दिया गया था। अब भत्ता जारी न करना प्रशिक्षुओं की दिक्कतें बढ़ा रहा है।
-तारा, निवासी सैंज
नौ माह से कौशल विकास भत्ता न मिलने के कारण प्रशिक्षु फीस जमा नहीं करवा पाए हैं। इस वजह से युवा अब पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।
-शानू ठाकुर निवासी, भुंतर