अमर उजाला ब्यूरो
पतलीकूहल (कुल्लू)। एलपीएस (लाहौल पोटेटो सोसायटी) ने कबाइली इलाके की नकदी फसल आलू को लाहौल से बाहर निकालना शुरू कर दिया है। इन्हें ट्रकों में डालकर कुल्लू जिला के पतलीकूहल की पुरानी सब्जी मंडी में स्टोर किया जा रहा है। अभी तक करीब दस हजार बोरियां लाहौल से निकालकर पतलीकूहल पहुंच चुकी हैं। साथ ही करीब दो हजार बोरियां पहुंचनी बाकी है।
रोहतांग दर्रे पर बर्फ पड़ जाने से आलू के ट्रांसपोटेशन में दिक्कत पेश आ रही थी। लेकिन बीआरओ की ओर से रोहतांग पास से बर्फ हटाने पर लाहौली कैश क्राप आलू को पतलीकूहल बनाने का रास्ता सुगम हो गया है। पिछले साल तक 15 मील के 114 विशाल भूखंड में आलू स्टोर होता रहा है। लेकिन 15 मील में सरकार की ओर से करीब 50 करोड़ की लागत से आर्ट सेंटर और गोल्फ कोर्स बनाए जाने सेे अब पतलीकूहल की पुरानी सब्जी मंडी को आलू ग्राउंड बनाया गया है। हालांकि पतलीकूहल की पुरानी सब्जी मंडी का बड़ा हिस्सा फोरलने की जद में आ चुका है। एलपीएस की ओर से आलू को पतलीकूहल पहुंचाने के बाद इसकी ग्रेडिंग करवाई जा रही है, जिससे इसे कोलकत्ता, चेन्नई और बंगलूरू की मार्केट में भेजा जा सके। एलपीएस के एमडी एएस डोगरा ने बताया कि पतलीकूहल में दस हजार बोरी आलू पहुंच चुका है। दोे हजार बोरियों को लाया जा रहा है।