दिवाली पर फूलों के दामों में 15 फीसदी उछाल
मांग बढ़ने के साथ अच्छे दाम मिलने से फूल उत्पादक खुश
जिला में सैकड़ों किसान कर रहे हैं फूलों की खेती
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। दिवाली नजदीक आते ही फूलों की डिमांड बढ़ने लगी है। बताया जा रहा है कि देश की फूलों की विभिन्न मंडियों में मांग बढ़ने से 15 फीसदी तक कीमत में बढ़ोतरी हो गई है। डिमांड बढ़ने से फूल उत्पादकों के चेहरों पर भी रौनक आ गई है। मांग अधिक होने से फूल विक्रेताओं ने मंडियों से ऑर्डर दोगुना कर दिए हैं।
दिवाली पर सबसे ज्यादा मैरीगोल्ड फूल की बाजार में मांग होती है। ऐसे में इस फूल की कारोबारियों से लेकर आम उपभोक्ता भी खरीद-फरोख्त करता है। दिवाली पूजन के लिए हर घर में फूलों की मांग रहती है। ऐसे में दुकानदारों, होटलों और गाड़ी चालक तक फूलों की मालाओं की खरीद करते हैं। त्योहार के चलते मंडियों में फूलों की मांग अधिक है। बताया जा रहा है कि त्योहार के चलते फूलों के दामों में इजाफा हो गया है। जिला कुल्लू में फूलों का उत्पादन सैकड़ों किसान कर रहे हैं। जिले में उम्दा किस्मों के फूलों को फूल उत्पादक पॉलीहाउस में उगा रहे हैं। जिले में सबसे अधिक पॉलीहाउस के माध्यम से फूलों का उत्पादन सेउबाग में हो रहा है। यहां पर 70 बीघा भूमि पर विभिन्न वैरायटी के फूल महक रहे हैं। टवीन मल्टी फ्लोरा कंपनी सबसे ज्यादा पैदावार जिले के सेउबाग में कर रही है। यहां पर कारनेशन, मैरीगोल्ड, स्वीट विलियम, ट्यूलिप, लुपिन और गलदाउदी आदि कई तरह की किस्मों के फूल उगा रहे हैं। घाटी के फूल उत्पादक बलवीर ,दौलत राम, चमन और अमित आदि का कहना है कि दिवाली में फूलों की मांग अधिक होने के कारण दाम भी अच्छे मिलते हैं।
-किसान यदि एक हेक्टेयर में गेंदे का फूल लगाते हैं तो वे वार्षिक आमदनी 1 से 2 लाख तक बढ़ा सकते हैं। इतने ही क्षेत्र में गुलाब की खेती करते हैं तो दोगुना और गुलदाउदी की फसल से 5 से छह लाख रुपये सालाना आसानी से कमा सकते हैं।
-डॉ आरके शर्मा, उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू